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Jalaun News: गोमांस तस्करी गैंग पर पुलिस का शिकंजा और कसा

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उरई। बहुचर्चित गोमांस तस्करी प्रकरण में पुलिस ने गिरोह के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही कार्रवाई के क्रम में अब आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की अन्य संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए जालौन पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों और जिलों में रवाना की गई हैं। पुलिस का दावा है कि गोमांस तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि 21 दिसंबर 2023 की रात एट थाना पुलिस ने झांसी-कानपुर हाईवे पर कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 21 क्विंटल गोमांस बरामद किया था। जांच के दौरान कंटेनर चालक हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी नवीन कुमार द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। इस मामले में पुलिस ने गुलजार मोहम्मद, जनकराज शर्मा, युसुफ, नवीन कुमार, मोहम्मद लईक और मोहम्मद जुबैर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर हैं।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने गैंग चार्ट तैयार किया था, जिसमें पश्चिमी दिल्ली निवासी अतीक अहमद, आगरा निवासी जाकिर और पुरानी दिल्ली निवासी मोहम्मद सलमान को गिरोह का प्रमुख सदस्य चिन्हित किया गया था। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया था कि गिरोह लंबे समय से गोमांस तस्करी के अवैध कारोबार में लिप्त था और इसी माध्यम से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की गई थी।
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इसी क्रम में पुलिस ने बिजनौर जिले के याकूबपुर क्षेत्र में खरीदी गई भूमि और संचालित स्लॉटर हाउस की जांच कराई थी। जांच में इन संपत्तियों का मूल्य लगभग 168.13 करोड़ रुपये आंका गया, जिन्हें गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा चुका है। इसके अलावा गिरोह के सरगना अतीक अहमद की पत्नी सुलताना के बैंक खातों में जमा 1.07 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि, उसकी कंपनी उमर इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और पोश इंफ्रास्ट्रक्चर के खातों में जमा रकम भी 30 अगस्त 2024 को जब्त की जा चुकी है। वहीं जनकराज शर्मा के कंटेनर और गुलजार मोहम्मद के बैंक खाते में जमा धनराशि पर भी कार्रवाई की गई थी।



जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि याकूबपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट फैक्टरी के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने में कथित रूप से फर्जी लेटर पैड, मोहर और हस्ताक्षरों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य गंभीर धाराओं में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों और उनकी चल-अचल संपत्तियों की भी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच टीमों की रिपोर्ट मिलने के बाद गैंगस्टर एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार से अर्जित एक-एक संपत्ति को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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