उरई। गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में नलकूप पर सो रहे वृद्ध किसान गिरजा शंकर तिवारी की हत्या के छह दिन बाद भी पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर सकी है। मामले की जांच के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं, लेकिन अभी तक न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट हो सकी है।
पृथ्वीपुरा गांव निवासी गिरजा शंकर तिवारी (75) की सोमवार तड़के खेत पर बने नलकूप के पास चारपाई पर उनका रक्तरंजित शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। उनकी लाठी से पीट - पीटकर हत्या की गई थी। घटनास्थल के पास खून से सना डंडा भी बरामद हुआ था। वृद्ध के पुत्र राकेश तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। अधिकारियों ने जल्द खुलासे का दावा करते हुए चार टीमों का गठन किया था, लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसान की किसी से खुली रंजिश की जानकारी नहीं थी, इसलिए हत्या के पीछे की वजह जानने के लिए पुलिस को तेजी से काम करना चाहिए था। हालांकि अब तक न तो कोई संदिग्ध सामने आया है और न ही पुलिस ने किसी महत्वपूर्ण सुराग की जानकारी दी है।
परिजनों में भी घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि परिवार अभी तक यह नहीं समझ पा रहा कि आखिर इतनी निर्ममता से हत्या किसने और क्यों की। वहीं गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सीओ अंबुज यादव का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जब पुलिस ने चार टीमें लगा रखी हैं तो छह दिन के भीतर कम से कम जांच की दिशा स्पष्ट हो जानी चाहिए थी। घटना का खुलासा न होने से ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है और कई लोगों से पूछताछ की गई है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बॉक्स : जांच की रफ्तार पर सवाल
23 जून को हुई थी किसान की हत्या
नलकूप पर चारपाई पर मिला था शव
घटनास्थल से खून से सना डंडा बरामद
चार पुलिस टीमें कर रही हैं जांच
छह दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
परिजन और ग्रामीण कर रहे जल्द खुलासे की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि हत्या जैसी गंभीर वारदात का छह दिन बाद भी खुलासा न होना चिंता का विषय है। पुलिस को जल्द से जल्द दोषियों तक पहुंचकर मामले का पर्दाफाश करना चाहिए।