फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्भवती को पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल, घर में आई लक्ष्मी

विज्ञापन
कट प्रभारी निरीक्षक नवजात शिशु के पिता को उपहार देते - फोटो : ORAI
विज्ञापन
एट। लॉकडाउन के दौरान पुलिस फर्ज निभाने के साथ कई जगह मानवता की मिसाल भी पेश कर रही है। ऐसी ही एक मिसाल कस्बे में देखने को मिली। जब हाईवे पर महाराष्ट्र से अपने घर जौनपुर जा रही गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने लगी। जानकारी होते ही पुलिस ने अपनी गाड़ी से दंपति को मेडिकल कालेज, उरई भिजवाया, जहां से उसे झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। जहां पर गर्भवती ने पुत्री को जन्म दिया। पुलिस ने दंपति और बच्ची को फल, कपड़े एवं उपहार देकर अपने खर्चे पर एंबुलेंस कर घर भिजवाया।
विज्ञापन

बता दें कि 12 मई को किशन विश्वकर्मा गर्भवती पत्नी के साथ महाराष्ट्र से अपने गांव नहर पट्टी थाना जलालपुर जनपद जौनपुर जाने के लिए डीसीएम से चला था, तभी अचानक कानपुर-झांसी हाईवे पर बने एट टोल प्लाजा के पास पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी। तभी उधर से गुजर रहे एट थाना प्रभारी विनोद पांडे की नजर उन पर पड़ी तो उन्होंने मजदूरों से पूछा। प्रसव पीड़ा की जानकारी होने पर गर्भवती को अपनी गाड़ी से मेडिकल कालेज उरई भिजवाया, जहां से उसे झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार गुरुवार सुबह गर्भवती ने बच्ची को जन्म दिया। फोन से मामले की जानकारी थाना पुलिस को दी और उन्हें धन्यवाद दिया। किशन ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं है और वह घर जाना चाहते है। थानाध्यक्ष ने झांसी से ही अपने पैसे से प्राइवेट एंबुलेंस कराकर उन्हें घर भेजने का इंतजाम कराया। शुक्रवार देर रात एंबुलेंस दंपति व परिजनों को लेकर एट थाने पहुंची तो थाना पुलिस ने नवजात बच्ची का स्वागत कर उपहार व खाने पीने की चीजें देकर उन्हें विदा किया। एट थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी ओर से बच्ची का नाम लक्ष्मी रखा गया है, बाकी उसके माता-पिता की इच्छा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें