पुलिस की अवैध वसूली से भड़के ट्रक चालक सिपाहियों से भिड़ गए और सड़क पर आड़े-तिरछे ट्रक खड़े कर भाग निकले। इससे सोमवार सुबह माधौगढ़ थाने की बंगरा चौकी के पास उरई-भिंड हाईवे पर भीषण जाम लग गया। पुलिस और आरटीओ के अधिकारियों के प्रयास से करीब छह घंटे बाद जाम खुल सका। इस बीच जाम में फंसे लोग भूख-प्यास से बिलबिला उठे। वसूली करने वाले पुलिसकर्मी वर्दी में नहीं थे। इससे इनकी पहचान भी नहीं हो सकी।
बंगरा पुलिस चौकी क्षेत्र के मिझौना गांव के पास सुबह करीब आठ बजे पुलिस का एक अधिकारी व कुछ सिपाही हाईवे पर मध्य प्रदेश से आ रहे मौरंग लदे ट्रकों से उगाही करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिसवालों के वर्दी में न होने से कुछ ट्रक चालकों की इनसे हाथापाई हो गई। मामला बिगड़ता देख पुलिसवाले खिसक गए। इधर गुस्साए चालक भी ट्रकों को सड़क पर खड़ा करके इधर-उधर हो गए। इससे जाम लग गया।
जाम लगने से भिंड, ग्वालियर, उरई और औरैया की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। सबसे अधिक परेशानी चार पहिया वाहनों और बस यात्रियों को हुई। आसपास करीब तीन किलोमीटर तक पानी का कोई इंतजाम नहीं था। पानी के बिना महिलाएं और बच्चे बिलबिला उठे। दोपहर करीब एक बजे पुलिस और आरटीओ अधिकारी मौके पर पहुंचे। वाहनों को हटाने के लिए पुलिस ने थाने में खड़े ट्रकों की चाबियां मंगाईं।
कुछ ट्रकों के लाक भी तोड़े गए। दोपहर 2 बजे किसी तरह ट्रकों को हटाकर जाम खुलवाया जा सका।
इस बाबत कार्यवाहक थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह का कहना है कि मौके पर कौन पुलिसकर्मी थे, इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक स्वप्निल मैमगोई का कहना है कि सिपाहियों से हाथापाई की बात गलत है। सुबह के वक्त लोड चेकिंग के दौरान कुछ कहासुनी हुई थी। इस पर चालक, ट्रकों को छोड़कर भाग निकले। सभी ट्रकों का चालान कराया गया है।