फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: पुलिस ने घटनास्थल का लिया जायजा, वादी के बयान दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। 30 साल पहले बेतवा नदीं में डूबाकर की गई युवक की हत्या के मामले में कोर्ट के आदेश पर कोटरा पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अब रविवार को पुलिस ने इस मामले में घटनास्थल का निरीक्षण किया। वादी के भी बयान दर्ज किए। अब पुलिस गवाहों के बयान लेने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी उमाशंकर ने कोटरा थाना पुलिस को अक्तूबर 1995 में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका छोटा पुत्र प्रदीप कुमार बाजपेई (22), 5 अक्तूबर 1995 की सुबह मोहल्ले के ही कुलदीप नारायण, प्रेम नारायण सौनकिया, श्याम नारायण के साथ डीसीएम से देवी विसर्जन के लिए कोटरा थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित बेतवा नदी पर गया था।
शाम को प्रतिमा विसर्जन के बाद श्रीराम, राकेश, देवेश, प्रेम नारायण, कुलदीप नारायण, अनिल कुमार, अनूप कुमार ने उसके पुत्र को जान से मारने की साजिश रची। इसके बाद उसके पुत्र को नदी में नहाने के लिए उकसाया। इसके बाद यह लोग उसके पुत्र को नदी में अंदर ले गए और उसको डुबाकर मार दिया। वह मदद के लिए चिल्लाया तो किसी ने उसे नहीं बचाया।
विज्ञापन

इस वारदात को कई लोगों ने देखा भी था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसकी जमीन हड़पने की मंशा से लेकर इन लोगों ने उसके पुत्र की हत्या की है। यह सभी उसके रिश्तेदार हैं। उसके पुत्र का शव भी नहीं मिल पाया था। तहरीर लेकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इस पर उसने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था।
एसपी ने थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित ने कोर्ट में वाद दायर किया था। इस पर कोर्ट ने 14 अक्तूबर 1998 को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और कोर्ट के आदेश की पत्रावली भी गायब कर दी।
कोई कार्रवाई न होने से परेशान पीड़ित ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट दर्ज न होने व गायब पत्रावली का हवाला देते हुए रिट याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 जून 2025 को जनपद न्यायाधीश को आदेश दिया था कि गायब रिकॉर्ड की जांच कराकर रिपोर्ट भेजें। 10 सितंबर दिन गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट शिंजिनी यादव के कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें उन्होंने पूर्व में आदेशित पत्रावली के आधार पर हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए थाना कोटरा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें