बेटी का जेवर हड़पने के मामले में कानपुर देहात की कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने पर, कोतवाली पुलिस वृद्ध को पकड़ लाई। कोतवाली लाते समय वृद्ध की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई जहां उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा काटा। सूचना पाकर सीओ अरुण कुमार
मौके पर पहुंचे और परिजनाें को शांत कराया। मृतक के पुत्र की तहरीर पर मृतक की बेटी के ससुरालियाें के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज की है। एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से वृद्ध वारंटी की मौत हुई है। उरई कोतवाली के मुहल्ला लहारियापुरवा निवासी शिवबालक चतुर्वेदी ने अपनी बेटी उमा का विवाह
कानपुर देहात के गांव दमनपुर निवासी अशोक दीक्षित के साथ करीब 10 साल पहले किया था। आरोप है कि पति अशोक व उसके परिजनाें ने उमा को दहेज के लिए प्रताड़ित कि या तो वह मायके आ गई। कई बार समझौता वार्ता के बाद भी मामला नहीं निपटा। इस पर अशोक ने अपनी पत्नी उमा व ससुर शिवबालक चतुर्वेदी(70) के खिलाफ दहेज हड़पने की रिपोर्ट दर्ज करा
दी। इधर शिवबालक ने दामाद अशोक आदि के खिलाफ उरई कोतवाली में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करा दी। शिवबालक कानपुर देहात कोर्ट में मुकदमे में पेश नहीं हुआ तो कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो गया। इस पर शुक्रवार की रात करीब नौ बजे कोतवाली पुलिस शिवबालक के घर पहुंची और उसे लेकर कोतवाली आ रही थी। इसी बीच उसकी
हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे जिलाअस्पताल ले गई। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जैसे ही यह जानकारी परिजनाें को हुई तो वह जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा काटने लगे। सूचना पाकर सीओ अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनाें को शांत कराया। मृतक के बेटे सुनील चतुर्वेदी ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन के
ससुर बृजलाल, जीजा अशोक दीक्षित निवासी दमनपुर व उसक ी बहन रामा देवी, शोभा व रिश्तेदार लल्लू निवासी उरगांव जालौन दो दिन पहले उसके घर आए और पिता को धमकी दी। इसी सदमे में उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्जकर जांचकर कार्रवाई की बात कही है। एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि वृद्ध दो दिन से बीमार था। बीमारी से ही उसकी मौत हुई है।
अपने को बचाने के लिए पुलिस ने की कार्रवाई
वाह री पुलिस तेरे भी अजब गजब खेल है। शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में वारंटी शिवबालक की मौत के बाद पुलिस बैक फुट पर नजर आई। परिजन पहले पुलिस के खिलाफ हंगामा कर रहे थे, तभी वहां पहुंचे सीओ अरुण कुमार सिंह ने परिजनाें की भावना को समझते हुए दूसरे पक्ष के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जो पक्ष उरई में था ही नहीं उस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की बात गले नहीं उतर रही है। लोगाें का कहना कि पुलिस अपने को बचाने के लिए यह कार्रवाई की है।