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वर्दी में पुलिस ने नहीं कर सकती बच्चों से पूछताछ

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कस्तूरबा स्कूल में विधिक साक्षरता शिविर में छात्राएं - फोटो : ORAI
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कोंच। तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने गुरुवार को कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर के रूप में बच्चों संग पाठशाला लगाई। इसमें बच्चों को कानून के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। बच्चों ने भी तहसीलदार के सामने सवालों की बौछार लगाई, जिसका उन्हें सटीक जवाब भी मिला। तहसीलदार ने बताया कि वर्दी में पुलिस को बच्चों से पूछताछ करने का कोई अधिकार नहीं है।
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तहसीलदार ने बच्चों को बाल श्रम कानून, बालकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे अधिकारों के बारे में भी विस्तार से बताया। यह भी कहा कि अभिभावक भी उनसे जबरन खेतों आदि में काम कराते हैं तो यह कार्य अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, उन्हें शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता है। किशोरों के लिए बाल संरक्षण समिति भी बनाई गई है, ये अगर किसी अपराध में लिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें बाल सुधार गृह में ही रखा जा सकता है, जेल नहीं भेजा सकता है।
कहा कि अच्छा खाओ और अच्छा सोचो तभी अच्छे स्वस्थ शरीर और बुद्घि के साथ आगे बढा जा सकता है। संचालन करते हुए पीएलवी जगपाल सिंह तथा स्नेशराजा ने भी कई जरूरी प्रावधान बताए और विषम स्थिति में उनकी मदद लेने का आह्वान किया। इस दौरान वार्डन वंदना वर्मा, दीप्ति साहू, बबीता बबेले, ऋतु वर्मा, मांडवी, विनीता वर्मा, पुष्पा याज्ञिक आदि मौजूद रहीं।

सही जवाब पर छात्रा को पुरस्कृत करते तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा- फोटो : ORAI

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