जालौन। सिलिंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने महिलाओं को परेशान कर दिया है। महिलाओं का कहना है कि इस बार सबसे अधिक बढ़ोतरी होने से घर का बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को महंगाई कम करने का प्रयास करना चाहिए, उस पर सिलिंडर के दाम बढ़कर 900 रुपये के आसपास पहुंच गए है।
यही हाल रहा तो साल खत्म होते होते घरेलू सिलिंडर पूरे 1000 रुपये का हो जाएगा। महिलाओं का कहना है कि उन्हें बजट को बनाए रखने के लिए घर के किसी और खर्च में कुछ न कुछ कटौती करनी ही पड़ेगी। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह अपने फैसले पर विचार करें बढ़ी हुई कीमतों में कुछ तो कमी करें। जिससे महिलाओं को राहत मिल सके।
जलाने पड़ेंगे लकड़ी वाले चूल्हे
रानी चौहान ने बताया कि हर माह गैस सिलिंडर कीमतों में कुछ न कुछ वृद्धि हो रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। दाम बढ़ने से कई गरीबों के घर में गैस चूल्हा जलना बंद हो जाएंगे और उन्हें फिर एक बार फिर लकड़ी व कोयले के चूल्हे फूंकने पड़ेंगे।
दाम कम कर महंगाई घटाए सरकार
वर्षा यादव का कहना है कि रसोई गैस के दाम बढ़ने से न सिर्फ लोगों के घरों का बजट बिगड़ा है बल्कि सरकार के प्रति आक्रोश भी पनपा है। सरकार को बढ़ी हुई कीमतें वापस लेनी चाहिए। इससे महंगाई पर भी अंकुश लग सकेगा।
ठोस कदम उठाए सरकार
मीनाक्षी दीक्षित ने बताया कि रसोई गैस घर की सबसे बड़ी जरूरत है। एक साथ लगभग 145 रुपये की बढ़ोतरी करने से सारा बजट गड़बड़ा गया है। सरकार को गैस की कीमतें नियंत्रित के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। दस पांच रुपये की बढ़ोतरी हो तो भी ठीक है।
मध्यम वर्ग कमर टूट रही
रामपुरा की आज्ञा चतुर्वेदी का कहना है कि घरेलू उपयोग की वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं। खाद्यान्न, सब्जियों और दूध के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। उस पर अब रसोई गैस सिलिंडर 900 रुपये का कर दिया गया है। सरकार मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही है।
रानी चौहान- फोटो : ORAI
वर्षा यादव- फोटो : ORAI
मीनाक्षी- फोटो : ORAI