को निर्देश दिए हैं कि प्रार्थना पत्र मिलने पर वह 48 घंटे के भीतर मौके पर जाकर समस्या को सुनें और निस्तारण करें। लापरवाही बरतने वालाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी बबलू कुमार ने अपने कार्यालय में बताया कि अब जिले की पुलिस को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करनी होगी। इसके लिए थाना व कोतवाली में आने वाले प्रार्थना पत्र पर पुलिस
48 घंटे के भीतर नहीं पहुंचेगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में कहा कि समाधान दिवस में लोग कम आ रहे हैं और जमीनी विवाद बढ़ रहे हैं। जमीनी विवाद में फरियादी को समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देना पड़ेगा क्योंकि वहां तहसील कर्मी भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में पुलिस मौके पर जाकर मामले का तुरंत निस्तारण कराएगी।
समाधान दिवस में आने वाले प्रार्थना पत्राें का वरीयता से निपटारा किया जाएगा। बताया कि रविवार को जिले भर के थानेदार व कोतवाल अपने क्षेत्र में प्रार्थना पत्राें का मौके पर निस्तारण करने जाएंगे। लंबित विवेचनाओं पर उन्हाेंने कहा कि जब वह एक माह पहले आए थे तब करीब 900 विवेचनाएं लंबित थीं और अब 650 विवेचनाएं बची हैं। अगले महीने
इनकी संख्या और कम होगी। उन्हाेंने कोतवाल व थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि हर मंगलवार को वह अपने-अपने थाने का अर्दली रूम लेंगे। इससे उन्हें पता रहेगा कि कौन दरोगा
काम कर रहा है या नहीं। वह उन्हें रिपोर्ट सौंपेगें। बताया कि जिले भर के सभी 490 चौकीदाराें से काम लिया जाएगा और गांव में होने वाले अपराधों की जानकारी कर पुलिस इन पर कार्रवाई करेगी। इससे अपराध में कमी आएगी।