उरई। गड्ढा मुक्त अभियान में लगाए गए करीब चार करोड़ रुपये पहली ही बारिश में बह गए। अधिकारियों ने 751 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की औपचारिकता तो पूरी की लेकिन गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा। कई जगह से शिकायतों भी आईं लेकिन अफसरों ने अनसुनी कर दी। अब बारिश होने पर सड़कों के गड्ढों पर डाली गई गिट्टी और मिट्टी बहने से फिर बड़े बड़े गड्ढो हो गए हैं। कई जगह तो सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं।
सूबे में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्डा मुक्त करने के आदेश दिए थे। विभाग ने 751 किलोमीटर सड़कें गड्ढा मुक्त करने में करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए। किंतु गुणवत्ता का ध्यान कहीं नहीं दिया गया। इससे गड्ढा मुक्त अभियान में शुरू से ही गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। कई जगह से शिकायतें भी मिलीं लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। 15 जून तक सड़कें गड्ढा मुक्त करने की औपचारिकता पूरी कर ली गई। खानापूरी की पोल पहली ही बारिश में खुल गई। बारिश के बाद ज्यादातर सड़कों पर फिर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिला मुख्यालय पर ही घंटा घर रोड, जेल रोड, कालपी रोड, करमेर रोड, बस स्टैंड आदि में गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भरने से राहगीर गिरकर चुटिहल हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो सड़कों की हालत और भी बद है।
बनते ही उखड़ गया जालौन बाईपास
छह माह पहले में पीडब्ल्यूडी खंड प्रथम ने जालौन चुंगी से लेकर कोंच रोड तक करीब डेढ़ किलोमीटर का मार्ग बनाया था। सड़क में किनारों पर मिट्टी का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। रविवार को हुई बारिश से सड़क में बड़े बड़े गड्ढे हो गए। गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। इनसेट
गड्ढा मुक्त के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी
उरई। शहर के जाबिद का कहना है कि पीडब्लूडी अधिकारियों ने गड्ढा मुक्ति अभियान के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी की है। कई जगह तो कागजों में ही गड्ढे भरे गए हैं। बाल स्वरूप राजपूत का कहना है कि गड्ढा मुक्त अभियान में गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया है। इसकी नजीर तो रविवार की बारिश में देखने को मिल गई। मिट्टी व गिट्टी से भरे गए गड्ढे बारिश में खुल गए।
गड्ढा मुक्ति के लिए सड़कों की संख्या
गड्ढा सड़कें 751 किलोमीटर
खंड प्रथम 65 सड़कें
खंड द्वितीय 112 सड़कें
खंड तृतीय 78 सड़कें
गड्ढा मुक्त 4.5 करोड़
पालिका की सड़कें 27 किलोमीटर
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता एपी श्रीवास्तव का कहना है कि शहर की सड़कों में जो गड्ढे हो रहे जल्द सर्वे कराकर उन्हें भरवा दिया जाएगा।
फोटो नंबर 2- बैठक में मौजूद अधिकारीगण
उद्योग बंधु की बैठक में गूंजा खराब सडकों का मुददा
उरई। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी नरेन्द्र श्ंाकर पांडे की अध्यक्षता में उद्योग बंधु की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने अपनी समस्या को रखा साथ ही फैक्ट्री ऐरिया में खराब सड़कें के मुददे को जोर शोर से उठाया गया। व्यापारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता की फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सड़कों को ठीक कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नरेन्द्र शंकर पांडे ने कहा कि उद्यमी जिले के विकास में भागीदार होते है, इसलिए अधिकारी सुनिश्चित करे कि उद्यमी को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो । बैठक में कुछ उद्यमियों ने फैक्ट्री एरिया में खराब सड़क की समस्या को जिलाधिकारी की समक्ष रखा और बताया कि सड़के ठीक न होने से उन्हें सामान लाने ले जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने पीडब्लूडी के अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सड़कों को ठीक कराने के निर्देश दिए। बैठक में
उपआयुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्ताव नई उद्योग नीतियों के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि नई इकाई शुरू करने के लिए कई तरह की सुबिधाए प्रदान कर रही है। उद्यमी इन योजनाओ में जुड़कर योजनाओं का लाभ उठाए। इस अवसर पर पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता एपी श्रीवास्तव, नगर पालिका ईओ रविन्द्र कुमार, विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश चन्द्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।