उरई। वाईफाई कंपनी रात को आंबेडकर चौराहे के पास अंडरग्राउंड मशीन से केबल डाल रही थी। इसी दौरान जल संस्थान की पड़ी लोहे की लाइन टूट गई पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। सुबह होने पर चौराहे के आसपास चारों तरफ सड़क पर पानी भरने लगा। सुबह लोगों के घर में जब पानी नहीं पहुंचा तो इसकी जानकारी जल संस्थान को दी। मौके पर पहुंची टीम ने नलकूप बंद कराकर लाइन ठीक कर सप्लाई शुरू कराई।
शहर के आंबेडकर चौराहा के पास फाइबर कंपनी की मशीन शुक्रवार रात करीब एक बजे अंडरग्राउंड केबल डाल रही थी। आपरेटर ने मशीन के इतनी अंदर कर दी कि जमीन में पड़ी जल संस्थान की पानी की लोहे की लाइन टूट गई। ड्रिल करने के दौरान लाइन कई जगह से टूटी। लाइन टूटने पर बिना विभाग को जानकारी दिए टीम चली गई। शनिवार सुबह जब सप्लाई शुरू हुई तो पानी सड़क पर बहने लगा और घरों तक सप्लाई नहीं पहुंची।
इस दौरान दो घंटे तक सड़क पर पानी बहता रहा। इससे हजारों लीटर पानी नाली में बहकर बर्बाद हो गया। तिलक नगर और आसपास की पांच हजार की आबादी पानी के लिए दिनभर परेशान रही। इसकी जानकारी लोगों ने जल संस्थान को दी। सूचना पर जल संस्थान की टीम पहुंची। उन्होंने लाइन को ठीक करने का काम शुरू किया। देर शाम चार बजे जाकर सप्लाई शुरू हो गई।
जेई श्याम बहादुर ने बताया कि रात के समय अंडरग्राउंड केबल डालते समय लाइन टूटी है। मशीन चालक की जानकारी की जा रही है। उसकी शिकायत की जाएगी। लोहे की लाइन होने के बाद भी लाइन टूट गई है। इससे लगता है कि कई जगह से लाइन टूटी गई है। अगर केबल डालने से पहले विभाग को सूचना दे देते तो कर्मचारी मौैके पर भेज देते। इससे पाइप लाइन नहीं टूटती।