मोहम्मदाबाद में अंजाम खान अपने परिवार के साथ नमाज अदा करते
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उरई/जालौन/रामपुरा। कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच रोजेदारों ने अलविदा जुमे की नमाज घर पर अदा की। वहीं मस्जिदों के बाहर सतर्कता के लिए पुलिस भी तैनात रही। अबकी कई धार्मिक त्योहार लॉकडाउन के बीच ही संपन्न हुए। हालांकि, लॉकडाउन के चलते धार्मिक स्थल तो बंद रहे, लेकिन लोगों की पूजा और इबादत में कमी नहीं आई।
उरई, जालौन, रामपुरा, कालपी, कदौरा और मुहम्मदाबाद आदि क्षेत्रों में रोजेदारों ने घर पर ही अलविदा की नमाज अदा कर देश से कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुआ मांगी। उरई के बजरिया, स्टेशन रोड, राजमार्ग आदि स्थानों पर पड़ने वाली मस्जिदों में कही पर भी कोई भीड़ नजर नहीं आई। जालौन संवाद के मुताबिक, शहर काजी और सदर जमीअत उलेमा मौलाना सुल्तान अहमद ने बताया कि हुकूमत के आदेशों का पालन करना जरूरी है। जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है तो लॉकडाउन का पालन करना ही उचित है। कहा कि ईद पर भी मस्जिदों और ईदगाहों पर भीड़ इकट्ठा न करें।
इस महामारी से बचाव के लिए हाथ मिलाना, गले मिलना और एक दूसरे के घरों पर जाने से परहेज करें। रामपुरा संवाद के मुताबिक, क्षेत्र की मस्जिदें अलविदा की नमाज में भी सन्नाटे में डूबी रही। पेश इमामों ने पहले ही अपील कर रखी थी कि नमाज घरों में ही अदा की जाए। अलविदा की नमाज भी लोगों ने अपने घरों में ही अदा कर देश के अमन-चैन व कोराना से मुक्ति दिलाने की दुआ मांगी। जामा मस्जिद के पेश इमाम कारी गुलाम मुस्तफा, नूरी एवं छोटी मस्जिद के पेश इमाम मौलाना जरीफ हनफी, हाफिज अब्दुल अजीज बरकाती और शाहिद खान ने जुमे की अलविदा की नमाज अदा की।
रामपुरा में घर में नमाज अदा करते हाफिज अब्दुल अजीज व शाहिद खान- फोटो : ORAI