सिरसा कलार। महेवा ब्लॉक क्षेत्र के चुर्खी रोड किनारे बसी बस्ती के 20 घरों के लोग 40 साल से कच्चे नाले की समस्या झेल रहे हैं। यहां 24 घंटे जलभराव रहता है और बदबू से लोगों का जीना दुश्वार है।बरसात के दिनों में भी खासकर बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्षों पहले पानी निकासी के लिए कच्चा नाला खोदा गया था, लेकिन समय के साथ उसमें मिट्टी भर जाने से अब निकासी बंद हो चुकी है। नतीजतन नाले का गंदा पानी बस्ती में फैलकर तालाब जैसी स्थिति बना देता है। इससे घरों में सीलन तक पहुंच रही है।
माता प्रसाद, शिव सिंह, ज्ञानवती, नंदराम और बलखंडी ने बताया कि जलभराव के कारण उठने वाली दुर्गंध घरों के अंदर तक आती है। हालत यह है कि लोगों का खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है। बरसात के दिनों में कई बार बदबू इतनी तेज हो जाती है कि लोगों को उल्टी तक आ जाती है।
जलभराव के चलते छोटे बच्चों पर हमेशा खतरा बना रहता है। परिजनों को हर समय निगरानी रखनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल बच्ची सुंदरी खेलते समय जलभराव में गिर गई थी, जिसे लोगों ने मुश्किल से बचाया। ऐसे हादसे अक्सर होते-होते बच जाते हैं।
बारिश के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। एक घर से दूसरे घर तक जाना मुश्किल हो जाता है और पूरी बस्ती तालाब में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्के नाले के निर्माण के लिए वे कई बार ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
ग्रामीणों का सुझाव है कि यदि बस्ती से टावर तक पक्का नाला बना दिया जाए तो जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो सकती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी कम होगा।
अधिकारियों का आश्वासन
विकासखंड अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि पंचायत स्तर पर बजट के अनुरूप नाले का निर्माण संभव हुआ तो जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए शीघ्र कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा।