मूल्यांकन केंद्र पर कापियां जांचते शिक्षक
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उरई। लॉकडाउन के कारण रुका गया मूल्यांकन का काम बुधवार से परिवर्तित मूल्यांकन केंद्रों पर शुरू हो गया। पहले दिन तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर करीब 800 परीक्षक पहुंचे और उन्होंने करीब आठ हजार उतर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया।
कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते यूपी बोर्ड का मूल्यांकन काम भी रोक दिया गया था। उरई में तीन मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन का काम हो रहा था। परीक्षकों और शिक्षक संगठनों की मांगों को देखते हुए उरई के मूल्यांकन केंद्र हॉटस्पॉट में आ गए हैं। ऐसे में तीनों मूल्यांकन केंद्रों को शहर के बाहर बने कालेजों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
जीआईसी का मूल्यांकन केंद्र जमुना देवी नरेश चंद्र महाविद्यालय मड़ोरा, गांधी इंटर कालेज का मूल्यांकन केंद्र एसएस इंटर कालेज मड़ोरा, सनातन धर्म इंटर कालेज का मूल्यांकन केंद्र एसएस महाविद्यालय मड़ोरा में स्थानांतरित कर दिया गया है। डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि तीनों केंद्रों पर पहुंचे परीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने साथ सैनिटाइजर, मास्क, पानी की बोतल और स्वल्पाहार लेकर आए। एक-दूसरे को सामग्री का आदान-प्रदान न करें। तीनों केंद्रों को सैनिटाइज कराने के बाद सभी परीक्षकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सीसीटीवी कैमरे और पुलिस व्यवस्था के बीच मूल्यांकन का काम शुरू हुआ।
डीआईओएस ने बताया कि कई ग्रामीण अंचलों से आने वाले परीक्षकों ने आवागमन में दिक्कत होने की बात कही है। ऐसे परीक्षकों के लिए तहसील स्तर पर वाहन की व्यवस्था की गई और उनके प्रभारी भी नियुक्त कर दिए गए है। जिसमें कोंच तहसील में ओमप्रकाश, जालौन में जितेंद्र सक्सेना और कालपी में संतोष अवस्थी को वाहन प्रभारी बनाया गया है। परीक्षक उनसे संपर्क कर सकते हैं।