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पहचान के लिए पैतृक गांव पहुंची सीबीसीआईडी

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पैतृक गांव तिरही में सीबीसीआईडी के सामने पहुंची जावित्री। - फोटो : ORAI
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कालपी(जालौन)। कानपुर से आई सीबीसीआईडी की टीम ने बुधवार को भी जावित्री की शिनाख्त कराने का प्रयास किया। सीबीसीआईडी की टीम पैतृक गांव तिरही व उसकी मौसी के गांव रामपुर पहुंची। यहां जावित्री ने ही पैतृक घर व रिश्तेदारों के घर का पता बताया। कुछ रिश्तेदारों को उसने नाम लेकर पुकारा। वहीं कई रिश्तेदारों ने पहचानने का दावा किया है। जावित्री ने गांव वालों के नाम लेकर बातचीत भी की। देर शाम सीबीसीआईडी की टीम जावित्री को लेकर चली गई।
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बुधवार को सीबीसीआईडी की टीम जावित्री को लेकर मौसी के गांव रामपुर पहुंची। गांव के बाहर हाईवे पर सीबीसीआईडी की टीम ने जावित्री को छोड़ दिया। कहा कि अपनी मौसी के घर पहुंचो। जावित्री बिना किसी से रास्ता पूछे सीधे मौसी के घर पहुंच गई। पीछे से सीबीसीआईडी टीम पहुंची। यहां पता चला कि मौसी की मौत हो चुकी है। जावित्री ने मौसी के परिवार के लोगों को पहचान लिया। उसने नाम लेकर बुलाया। पुराने समय की बातें भी बताईं। इसके बाद टीम उसे लेकर उसके पैतृक गांव तिरही पहुंची। यहां उसने चाची शिवकुमारी को देखते ही पहचान लिया। वह अफसरों को लेकर खुद अपने पैतृक घर पहुंच गई। गांव के अन्य लोगों को सामने लाया गया तो उसने कई को पहचान लिया। नाम भी बताए। गांव के कुछ लोगों ने भी उसे पहचानने का दावा किया। इसके बाद अफसरों की टीम उसे लेकर चली गई। सीबीसीआईडी के सीओ कमर मजीद ने बताया कि हर स्तर पर जावित्री की पहचान सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है। इससे ज्यादा जानकारी नही दी जा सकती।
आज हो सकते हैं कोर्ट में बयान
सीबीसीआईडी के सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को कोर्ट में जावित्री के 164 के बयान दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं संभावना है कि कोर्ट में जावित्री का मां राजो देवी से आमना- सामना भी हो सकता है।
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गांव में फफक-फफक रोने लगी जावित्री
पैतृक गांव तिरही पहुंची जावित्री बुधवार को नाते रिश्तेदारों से लिपट कर फफक फफक कर रोने लगी। कहा कि मां राजो उसे पहचान नहीं रही हैं। वह उसके साथ गलत कर रही हैं। इस पर रिश्तेदारों ने उसे सांत्वना दी कि सब ठीक हो जाएगा।
ये है जावित्री का मामला
वर्ष 2008 में नगर के नई बस्ती मोहल्ले से 14 वर्षीय किशोरी जावित्री गायब हो गई थी। जावित्री की मां राजो देवी ने नगर के नौ लोगों पर अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद 2009 में एक किशोरी की लाश घाटमपुर थाना क्षेत्र में मिली। राजो देवी ने उसकी शिनाख्त अपनी बेटी जावित्री के रूप में की थी। इससे मामला अपहरण के बाद हत्या में तरमीम हो गया। पुलिस मामले का खुलासा नही कर पाई तो तत्कालीन बसपा सरकार ने मामले की जांच सीबीसीआईडी को दे दी। सीबीसीआईडी ने मामले में चार्जशीट फाइल कर दी। लगभग 12 साल बाद 15 सितंबर को अलीगढ़ से एक शादीशुदा युवती सामने आई। उसने बताया कि वह जावित्री है। अब सीबीसीआईडी शिनाख्त करा रही है।
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