उरई (जालौन)। जिले में पात्र छुटे परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 15 दिसंबर से विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा।
अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने डीएम व सीएमओ को विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में छूटे परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। योजना के डीपीसी डॉ आशीष झा ने बताया कि 15 दिसंबर से आशा, संगिनी व एएनएम अपने क्षेत्र में छूटे परिवार के कम से कम एक सदस्य का गोल्डन कार्ड जन सुविधा केंद्र या लोकवाणी केंद्र पर ले जाकर बनवाएंगी। लाभार्थी को प्रति कार्ड 30 रुपये का शुल्क देना होगा।
परिवार के सभी सदस्यों का कार्ड अलग-अलग बनेगा। गोल्डनकार्डधारक पंजीकृत अस्पताल में पांच लाख तक इलाज करवा सकते हैं। गोल्डनकार्ड बनवाने पर आशा को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। बीसीपीएम व बीपीएम अपने ब्लॉक के चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में काम करेंगे।
इनसेट
45161 परिवार के गोल्डनकार्ड बनाने का लक्ष्य
ग्रामीण क्षेत्रों के 45161 पात्र परिवारों की शासन की ओर से जिले को दी गई है। इसमें डकोर ब्लॉक के 7391, जालौन के 4966, कदौरा के 8040, कोंच के 3480, कुठौंद के 5326, माधौगढ़ के 4610, महेबा के 3520, नदीगांव के 4356, रामपुरा के 3472 लाभार्थी परिवार शामिल हैं। इन परिवारों के एक भी सदस्य का कार्ड नहीं बना है।