कोंच (जालौन)। श्री नवलकिशोर रामलीला में बुधवार रात कैकेई के कोपभवन की लीला का मंचन किया गया। इसमें मंथरा के भड़काने पर कैकेयी कोप भवन में चली गईं और भरत के लिए राज गद्दी और राम के लिए वनवास का वरदान मांगा।
लीला में दिखाया गया कि अयोध्या में गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से राम के राज्याभिषेक की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। देवराज इंद्र ये देख कर घबरा जाते हैं, वह मां सरस्वती से राम को वन भेजने का उपाय करने की प्रार्थना करते हैं। सरस्वती कैकेयी की दासी मंथरा की बुद्धि को भ्रमित कर देती हैं। मंथरा कैकेयी के कान भर कर राजा दशरथ से भरत के लिए राज्य और राम के लिए वनवास का वरदान मांगने को कहती हैं। कोपभवन जाकर कैकेयी राजा दशरथ से दोनों वरदान मांगती हैं।
दशरथ की भूमिका हरिमोहन तिवारी, कैकेयी हर्षित दुबे, मंथरा काजू पाटकार, इंद्र सीताराम नगरिया, सरस्वती राजेन्द्र बेधड़क, सुमंत्र रामप्रकाश पाटकर, वशिष्ठ रामू पटैरया, उर्मिला प्रशांत नगरिया, कौशल्या सूरज शर्मा आदि ने निभाई।