उरई। बीएसए ने मंगलवार को एक बीआरसी समेत 16 स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में खंड शिक्षा अधिकारी समेत कई शिक्षक गैरहाजिर मिले। निरीक्षण में कई स्कूलों में ताला लटकता देखकर सभी गैरहाजिर शिक्षकों और स्टाफ से बीएसए ने तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
बीएसए प्रेमचंद यादव मंगलवार की सबसे पहले सुबह दस बजे नदीगांव ब्लाक के खकसीस के अंग्रेजी माध्यम प्राइमरी स्कूल पहुंचे। जहां स्कूल बंद था। कन्या प्राइमरी स्कूल व प्राइमरी स्कूल में भी ताला लटक रहा था। बीएसए ने बंद मिले तीनों स्कूलों के स्टाफ से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। इसके बाद 10.20 बजे स्वामी
मिश्रा जूनियर हाईस्कूल खकसीस के निरीक्षण में सिर्फ एक शिक्षक गैरहाजिर मिला। प्राइमरी स्कूल हिंडोखरा 10.40 बजे बंद मिला। कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय क्योलारी भी बंद मिला। अभिमन्यु इंटर कालेज कैलाशनगर के निरीक्षण में प्रधानाचार्य मौजूद मिले। उन्होंने बीएसए से शिकायत की कि प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग सटी होने के कारण बच्चे पत्थर फेंकते थे। जिसकी वजह से पढ़ाई में व्यवधान होता है। बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि ऐसी पुनरावृत्ति न होने पाए।
11 बजे प्राइमरी स्कूल बिरौरा भी बंद मिला। प्राइमरी स्कूल गनथरा और गोवर्धनपुरा भी बंद मिले। 11.40 बजे तूमरा और सिवनी बुजुर्ग के स्कूल खुले मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सदूपुरा में सहायक अध्यापिका सारिका अग्रवाल हस्ताक्षर बनाने के बाद गायब हो गई थी। 12.40 बजे पूर्व माध्यमिक कनासी में बंद मिला। इसके अलावा बीआरसी में खंड शिक्षा अधिकारी भी गैरहाजिर मिले। बीएसए ने बताया कि सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण दें अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
माधौगढ़ और रामपुरा ब्लाक ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के भी कई विद्यालयों में शिक्षक वेतन तो लेते हैं, लेकिन ड्यूटी पर नहीं आते हैं। बीहड़ क्षेत्र होने के कारण विभाग का कोई उच्चाधिकारी भी निरीक्षण को नहीं जाता है। जिस कारण शिक्षक न तो समय से विद्यालय खोलते हैं और न ही पढ़ाते हैं। फिलहाल तो पढ़ाई बंद है, फिर भी कम शिक्षक ही विद्यालय पहुंच रहे हैं। जिसमें कुछ विभागीय अधिकारी भी सांठगांठ में शामिल हैं। इनकी भी जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।