कोंच। कैलिया थाना क्षेत्र के हिगुटा गांव में सुबह के वक्त ट्रांसफार्मर पर एचटी लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा। जिससे गांव भर के करीब 150 घरों में हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। घरों में एक-एक कर उपकरण तेज आवाज के साथ फुंकने लगे। जिसने भी स्विच व प्लग को हाथ लगाया, झुलस गया। एक युवक पर चिंगारियों के साथ वायरिंग का जलता हुआ तार टूटकर गिर पड़ा। जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि गांव के 12 लोग करंट से झुलसे हैं। घरों के सैकड़ों उपकरण भी फुंक गए। सूचना पर थाना पुलिस और नायाब तहसीलदार संजय कुमार मौके पर पहुंचे। नायाब ने लोगों को नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया है।
शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे जैसे गांव के बाहर से निकली एचटी लाइन का तार टूटकर ट्रांसफार्मर पर गिरा, गांव के लगभग हर एक घर में धमाके होने लगे। किसी के घर का कूलर, तो किसी के घर का पंखा, टीवी और फ्रिज तेज आवाज के साथ फट गए। जल्दबाजी में नींद से जागे लोगों ने बिना सोचे समझे स्विच और प्लग पकड़ लिए तो सभी को करंट का जोर का झटका लगा।
गांव निवासी मजदूर रवींद्र कुमार (30) पुत्र बालाराम घर में चारपाई पर लेटा था, तभी दीवार से जा रही वायरिंग के तार जलते हुए उस पर गिर पड़े। जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गया। आनन-फानन ग्रामीणों की मदद से परिजन उसे स्वास्थ्य केंद्र ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी तरह गांव के जिस किसी भी व्यक्ति ने फुंकते उपकरण को बचाने का प्रयास किया, वह करंट के झटके से चीख पड़ा। करीब 12 लोग करंट की चपेट में आकर झुलस गए। वोल्टेज इतना तेज था कि उपकरणों के आसपास की छतें व फर्श तक काली पड़ गई थीं। बिजली विभाग के एसडीओ गौरव कुमार का कहना है कि घटना की जांच कराई जाएगी। जिसका जितना नुकसान हुआ है, उसे नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा।
- ये लोग करंट से झुलसे
गांव निवासी संगीता और उसकी बेटी संतोषी, विश्वराम सिंह, रेखा देवी, मुरलीधर, आकाश, अजय कुमार, अनुष्का, भइया जी गौतम, रशीदा बानो और उमाचरण आदि करंट से झुलस गए हैं। सभी को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, बाद में छुट्टी कर दी गई।
- बच्चों और महिलाओं की चीख से गूंजा गांव
सुबह के वक्त एक ओर गांव के मकानों से उपकरणों के धमाके हो रहे थे तो वहीं महिलाओं और बच्चों में भी चीख पुुकार मच गई। पूरे गांव में सुबह के वक्त सिर्फ धमाके और चीखपुकार ही सुनाई दे रहे थे। काफी देर तक ग्रामीणों को समझ ही नहीं आया हो क्या रहा है।
- पिता बनने से पहले ही चल बसा रवींद्र
मृतक रवींद्र की पत्नी उमा का रो-रोकर बुरा हाल था। उमा गर्भवती है, ग्रामीणों ने बताया कि बहुत जल्द रवींद्र पिता बनने वाला था, लेकिन किसी को क्या मालूम था कि वह संतान का मुंह भी नहीं देख पाएगा। करंट से रवींद्र के पिता बालाराम भी झुलस गए।
- तीन सौ से अधिक छोटे-बड़े उपकरण फुंके
हादसे के थोड़ी देर बाद गांव में बिजली भले ही आ गई हो, लेकिन किसी भी ग्रामीण ने न तो उपकरण ही छुए और न ही बल्ब जलाए। हादसे के कारण करीब तीन से अधिक छोटे बड़े उपकरण फुंके हैं। शाम होते ही गांव में अंधेरा भी छा गया।
- ग्रामीणों में विभाग के प्रति रहा रोष
ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया। ग्रामीणों ने पहले भी ट्रांसफार्मर के ठीक ऊपर से जा रहे एचटी लाइन को हटाने की मांग की थी, सुनवाई न होने के कारण ही गंभीर हादसा हो गया।