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Jalaun News: 16 लाख से बदलेगी प्राचीन रामकुंड तालाब की तस्वीर

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फोटो- 04 तालाब पर भूमिपूजन करते पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता। संवाद
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कोंच। नगर की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल प्राचीन रामकुंड तालाब के दिन अब बदलने वाले हैं। वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहे इस तालाब के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का कार्य नगर पालिका द्वारा कराया जाएगा। रविवार को नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमिपूजन कर कार्य का शुभारंभ किया।
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नगर के नदीगांव मार्ग किनारे स्थित प्राचीन रामकुंड तालाब धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास महत्व रखता है। श्रीमद्भागवत कथा की कलश यात्राओं समेत कई धार्मिक आयोजनों की शुरुआत इसी स्थान से होती है। लेकिन लंबे समय से उपेक्षा के चलते तालाब की स्थिति खराब हो गई थी, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय नागरिकों की मांग पर नगर पालिका अब करीब 16 लाख रुपये की लागत से रामकुंड तालाब का कायाकल्प कराने जा रही है। इसके तहत तालाब के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बाउंड्रीवाल, लोहे की ग्रिल और सीढ़ियों पर टाइल्स लगाने का कार्य कराया जाएगा।
पालिकाध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि नगर की पुरानी धरोहरों को सुरक्षित रखना पालिका की जिम्मेदारी है। रामकुंड तालाब के जीर्णोद्धार के बाद यह स्थान न सिर्फ आकर्षक बनेगा, बल्कि धार्मिक आयोजनों और आम लोगों के लिए भी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। नगरवासियों को लंबे इंतजार के बाद मिली सौगात, जल्द ही नई रंगत में रामकुंड तालाब दिखेगा। इस दौरान अजय कुमार तिवारी, प्रमोद आचार्य, जेई अरुण कुमार, ठेकेदार अमित उपाध्याय, सभासद अरविंद्र निरजंन, अशोक गुर्जर, ज्ञानेंद्र सेठ आदि मौजूद रहे।
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जर्जर सीढ़ियों के कारण जल लेना भी हो गया था मुश्किल

रामकुंड तालाब नगर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां समय-समय पर महिला और पुरुष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिनमें तालाब के जल की आवश्यकता भी पड़ती है, लेकिन लंबे समय से जर्जर हालत में पहुंच चुकी सीढ़ियों और अव्यवस्थाओं के कारण जल लेना भी जोखिम भरा हो गया था। कई लोग सीढ़ियों की स्थिति देखकर वहां खड़े होने तक में असुरक्षित महसूस करते थे। मछलियों को दाना खिलाने वाले भी डर के कारण ऊपर से ही दाना खिलाने लगे थे।



धार्मिक आयोजनों का केंद्र रहा है रामकुंड

नगर के बीच स्थित रामकुंड तालाब वर्षों से धार्मिक आयोजनों का प्रमुख स्थल रहा है। इस तालाब में रोजाना सुबह शाम कस्बे के मछलियों में दाना खिलाने भी जाते है। लोग श्रीमद्भागवत कथा की कलश यात्राओं के साथ कई कार्यक्रमों की शुरुआत यहीं से होती है। तालाब के जीर्णोद्धार से इसकी पुरानी पहचान फिर से लौटने की उम्मीद है।


लंबे इंतजार के बाद पूरी होगी नगरवासियों की उम्मीद

प्राचीन रामकुंड तालाब के जीर्णोद्धार की खबर से नगरवासियों में खुशी का माहौल है। वर्षों से बदहाली झेल रहे तालाब को अब नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सुंदरीकरण के बाद यह स्थान धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ नगर की खूबसूरती में भी चार चांद लगाएगा। साथ ही जीर्णोद्धार की खबर से नगरवासियों में खुशी और उत्साह का माहौल है।

फोटो- 04 तालाब पर भूमिपूजन करते पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता। संवाद

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