कोटरा। बेतवा नदी में नहाने गए जीजा-साले नहाते समय पानी में डूबने लगे। वहां आसपास नहा रहे लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। नदी के पास मौजूद लोगों ने दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जीजा की मौत हो गई थी। जबकि, साला अचेत हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने साले को अस्पताल भेजा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोटरा थाना क्षेत्र के ग्राम सैदनगर निवासी रामजीवन (30) पुत्र देवीदयाल रजक बुधवार की सुबह नौ बजे अपने साले उरई निवासी भानुप्रताप (20) के साथ गांव के बाहर स्थित बेतवा नदी पर नहाने गया था। नहाते समय दोनों गहरे पानी में डूबने लगे। दोनों को डूबता देख वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे आसपास मौजूद लोग आ गए और डूब रहे जीजा साले को बाहर निकाला। रामजीवन की मौत हो गई। जबकि, भानु प्रताप अचेत हो गया। लोगों ने इसकी सूचना थाना पुलिस व उनके परिजनों को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भानुप्रताप को जिला अस्पताल पहुंचाया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामजीवन अपने पिता की इकलौता पुत्र था। वह मजदूरी कर पत्नी रमा, बेटा शिखर पुत्री आस्था का भरण पोषण करता था।
सैदनगर के पास स्थित बेतवा नदी किनारे मौजूद लोगों ने बताया कि नहाते समय साला भानुप्रताप गहरे पानी में चला गया, जिससे वह डूबने लगा उसकी आवाज पर जीजा रामजीवन उसे बचाने लगा तभी वह डूब गया और उसकी मौत हो गई।