उरई-राठ मार्ग की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। स्थिति यह है कि
मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे आम राहगीरों को काफी परेशानी का
सामना करना पड़ता है। दुर्दशाग्रस्त मार्ग से बारिश के वक्त तो निकलना तक
मुश्किल हो जाता है। जलभराव से ये पता ही नहीं चलता है कि कहां सड़क है और
कहां गड्ढे। इसके चलते दो पहिया और चार पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी होते
हैं।
इस मार्ग को ठीक कराने के लिए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व
अधिकारियों से गुहार कई बार गुहार लगाई। बावजूद इसके किसी ने इस ओर कोई
ध्यान नहीं दिया। लिहाजा ग्रामीणों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
पिछले दिनों उरई-राठ मार्ग पर हुए हादसे की वजह से कई बवाल भी हुए। नाराज
ग्रामीणों ने जाम लगाकर जिला प्रशासन केे खिलाफ जमकर
नारेबाजी भी की। इस
दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मार्ग को ठीक कराने का आश्वासन दिया था
लेकिन मामला टलते ही अधिकारियों ने मुंह फेर लिया। ग्रामीणों का कहना है
कि अगर इस मार्ग की मरम्मत न कराई गई तो वह आंदोलन करेंगे।
इन सड़कों की हालत खराब:
उरई-राठ रोड-
उरई-राठ
मार्ग की हालत सबसे ज्यादा खराब है। काफी समय से खराब पड़ी सड़क पर चलना
दुश्वार हो गया है। सड़क की मरम्मत कराने के लिए कई बार अधिकारियों को लिखा
गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई
उरई-डकोर रोड
उरई से डकोर तक
मार्ग पूरी तरह से गड्ढों से भरा हुआ है। इस रोड को लंबे समय से बनवाने के
लिए स्थानीय लोग मांग करते आ रहे हैं। पर प्रशासनिक हीलाहवाली के चलते आज
तक यह सड़क आज तक नहीं बन सकी है।
उरई-कोंच रोड
उरई-कोंच रोड की
स्थिति भी काफी खराब है। उरई से कोंच तक का करीब 28 किलोमीटर का सफर गड्ढों
भरा है। इस बाबत क्षेत्रीय लोगों ने कई बार शिकायत की लेकिन ध्यान नहीं
दिया गया। इसके चलते इसपर आएदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
उरई-चुर्खी रोड पर काम धीमा
उरई-चुर्खी
रोड पर काम काफी धीमा चल रहा है। करीब 21 किलोमीटर की यह रोड पूरी तरह
गड्ढों वाली थी। इस रोड पर हाल ही में काम शुरू हुआ तो लोगों में उम्मीद
जगी। पर काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि वर्षों बाद भी इस रोड पर यातायात
सुचारु नहीं हो पाएगा।
सड़क के लिए करेंगे आंदोलन
ग्रामीण
कृष्णस्वरूप त्रिपाठी, प्रदीप राजपूत, अजहर खान आदि ग्रामीणों का कहना है
कि उरई राठ मार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं है। कई बार अधिकारियों को अवगत
कराए जाने के बाद भी हालत दयनीय है। यही हाल अन्य मार्गों का भी है। उनका
कहना है कि अगर जल्द ही इस मार्ग की हालत नहीं सुधारी गई तो मुख्यालय पर
लोग आंदोलन को मजबूर होंगे।
वर्जन
मुख्यालय को जोड़ने वाली लगभग
सभी सड़कों के मरम्मत का प्रस्ताव शासन को पहले ही भेज दिया गया था। इसकी
संस्तुति आ गई है। बजट मिलते ही इन पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।-
रामगणेश, जिलाधिकारी