उरई के न्यायालय परिसर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए बैठक जिला दीवानी न्यायालय सभागार में हुई। इसमें जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, जिला अधिवक्ता संघ के साथ विचार विमर्श किया गया। वादकारियों, अधिवक्ताओं व कर्मचारियों की थर्मल स्कैनिंग एवं न्यायालय परिसर का सैनिटाईजेशन कराए जाने और अधिवक्ता भवन का सामूहिक उपयोग न करने के बाबत चर्चा कर एक्शन प्लान तैयार किया गया।
जिला जज अशोक कुमार सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर छह न्यायिक अधिकारियों एवं पांच कर्मचारियों की एक टीम का गठन किया गया है, जो सीएमओ व सीएमएस की सलाह से न्यायालय परिसर में कोरोना वायरस न फैलने देने के बारे में उपाय करेगी।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर आवश्यक न्यायिक कार्यों को छोड़कर अन्य नियमित न्यायिक कार्य को 21 मार्च तक स्थगित कर दिया है। तब तक के लिए वादकारियों और जनसामान्य की न्यायालय में उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। अधिवक्ता भी वादकारी को न्यायालय में न बुलाए।
वादकारी व अधिवक्ता की अनुपस्थिति में न्यायालय द्वारा किसी भी प्रकरण में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। आवश्यक कार्यों के लिए कुछ विशेष न्यायालय नामित किए गए है। बैठक में सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया, एसीएमओ डॉ सत्यप्रकाश,नगर मजिस्ट्रेट हरीशंकर लाल शुक्ला, एसपी डा. सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।