उरई। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की ऑनलाइन अटेंडेंस पर सख्ती के साथ ही शिक्षक संगठन ने विरोध भी शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को प्राथमिक शिक्षक संघ (सुशील पांडेय गुट) की बैठक शिक्षक भवन में हुई। इसमें तय किया गया कि इस व्यवस्था के विरोध में एक नवंबर को कलक्ट्रेट पर मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ठाकुरदास यादव ने सभी जिला पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्ष एवं मंत्री से कहा कि वह अपने ब्लॉक के शिक्षकों को अधिक से अधिक संख्या में सूचित करें। उन्होंने कहा है कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में 24 अक्तूबर को अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा को पत्र भेजा गया था। शासन स्तर पर अभी तक सकारात्मक संदेश नहीं मिला है। कार्यवाहक जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जिले में विभागीय अधिकारियों द्वारा इस संबंध में अव्यवहारिक निर्देश जारी कर शिक्षकों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
कार्यवाहक जिला मंत्री आफताब आलम ने कहा कि उच्च प्राथमिक स्कूलों के गणित, विज्ञान के लगभग 400 अध्यापकों के चयन वेतनमान अन्य जनपदों की भांति ऑफलाइन लगाए जाएं। ऑनलाइन चयन में काफी विसंगतियां हैं। डकोर अध्यक्ष श्रवण निरजंन ने कहा कि महानिदेशक के आदेश के बावजूद विभाग द्वारा शिक्षकों का वेतन एवं वेतनवृद्धि रोकी जा रही है। इस दौरान राघवेंद्र श्रीवास्तव, सुनील निरजंन, प्रताप भानु, आकाश द्विवेदी, अजय भदौरिया, तेजबहादुर चौहान, अश्वनी यादव, दशरथ सिंह, मनीष निरजंन, आदर्श निगम रहे।
टीईटी के अनिवार्यता के विरोध में रामलीला मैदान में महारैली
उरई। प्राथमिक शिक्षक संघ (विद्यासागर मिश्रा) गुट की जिला इकाई की बैठक सोमवार को स्टेशन रोड स्थित शिक्षक भवन में हुई। जिलाध्यक्ष विद्यासागर मिश्रा ने कहा कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर 21 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली होगी। इसमें शिक्षकों को शिक्षिकाओं को जुटना है। जिला मंत्री नरेश निरंजन ने कहा कि जो शिक्षक स्नातक हैं वह अपना वोट बनवाएं। जालौन ब्लॉक में ऑडिट करने वाली टीम द्वारा शिक्षकों से सुविधा शुल्क मांगने पर नाराजगी जताई गई। बैठक को संरक्षक महेंद्र भाटिया, संजय दुबे, माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह राजा, रामहेत सिंह, अजीत सक्सेना, लालजी पाठक मौजूद रहे। (संवाद)