कालपी। अमर उजाला की पहल पर सालों से बंद पड़े रैन बसेरा का ताला खुल गया, जिससे शहर के राहगीरों व जरूरतमंदों को शीतलहर के प्रकोप से राहत मिली। ताला खुलते ही बसेरे में एक दर्जन से अधिक जरूरतमंद पहुंच गए। वहीं एसडीएम ने भी रैन बसेरे में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया है। उपजिलाधिकारी ने रैन बसेरे की व्यवस्थाओं को लिए तीन पालिका कर्मियों की तैनाती की है।
बता दें कि कालपी तहसील में स्थित रैन बसेरे में कई सालों से ताला लटका था। जहां एक ओर जिले में पड़ रही भीषण सर्दी से लोग कराह रहे थे वहीं प्रशासनिक अनदेखी से रैन बसेरे में पड़ा ताला गरीबों व जरूरतमंदों की मुसीबत बढ़ा रहा था। कई बार स्थानीय लोगों ने इस रैन बसेरा का ताला खुलवाने की मांग की, पर किसी ने भी सुध नहीं ली। रविवार यानी 12 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने शीत लहर भी न खुलवा सकी रैन बसेरा का ताला शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के छापने के बाद न सिर्फ प्रशासन की नींद टूटी बल्कि कई समाज सेवियों ने इस रैन बसेरे का ताला खुलवाने के लिए आंदोलन भी शुरू कर दिया था।
सोमवार सुबह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह निषाद, पूर्व अध्यक्ष दिनेश बाबू श्रीवास्तव, राकेश द्विवेदी, राजेंद्र तिवारी आदि ने भी उपजिलाधिकारी कौशल कुमार को ज्ञापन देकर रैन बसेरे का ताला खोलने को लेकर ज्ञापन दिया था। मामले को देखते हुए देर शाम उपजिलाधिकारी कौशल किशोर ने न सिर्फ रैन बसेरे का ताला खुलवा दिया बल्कि वहां लोगों के रहने के लिए व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कराईं। साथ ही इस सर्दी से बचाव के लिए रजाई, गद्दों की भी व्यवस्था कराई। एसडीएम के निर्देश पर रैन बसेरे में मोहन, विजय, अनिल तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो 8-8 घंटे की डियूटी कर व्यवस्थाओं को देखेंगे। इसके अलावा रैन बसेरे में अलाव भी जलवा दिए गए हैं।