उरई। जिले में सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट होने से स्वास्थ्य सेवाएं गड़बड़ाई हुई हैं। न तो महिला अस्पताल में और न ही सीएचसी और पीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट हैं। जिसकी वजह से मरीजों को प्राइवेट में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल में डॉ. गौरव द्विवेदी अल्ट्रासाउंड करते थे। यहां रोजाना 30 से अधिक महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते थे। 26 अक्तूबर 2021 से वह छुट्टी पर चल रहे हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती व अन्य महिलाएं पेट की समस्या को लेकर आती है। जिन्हें चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। अल्ट्रासाउंड चिकित्सक न होने के कारण महिलाएं और तीमारदार प्राइवेट में आठ सौ रुपये में इलाज को मजबूर होते हैं।
800 रुपये देकर कराया अल्ट्रासाउंड
कुइया गांव के निवासी मूलचंद्र बताते है कि उनकी बहू पूजा गर्भवती थी। वह उसे दिखाने जिला अस्पताल लाए थे। डॉक्टर ने परीक्षण के बाद अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। यहां अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटक रहा था। इस पर कान्हा हॉस्पिटल में 800 रुपये में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
अल्ट्रासाउंड चिकित्सक के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अस्पताल में निरीक्षण करने वाले विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई मर्तबा अवगत कराया जा चुका है। उम्मीद है कि महिला अस्पताल की समस्या को देखते हुए जल्द अल्ट्रासाउंड चिकित्सक की तैनाती कर दी जाए।
डॉ. एके त्रिपाठी, सीएमएस जिला महिला अस्पताल