उरई। हर साल की तरह इस साल का भी यातायात माह भी सिर्फ भाषणों व गोष्ठियों तक ही निपट गया। इस बार के यातायात माह में एक बात जरूर खास रही और वह था हेलमेट का चालान, आदमी घर से दूध, दवा या फिर सब्जी लेने भी बिना हेलमेट निकला तो उसे पांच सौ रुपये का चालान नहीं तो सिपाहियों की सौ दो रुपये में ही मुठ्ठी तो गर्म जरूर करनी पड़ी। वैसे तो इस बार सीट बेल्ट पर भी जोर रहा लेकिन ज्यादातर गाड़ियों में विधायक, अध्यक्ष, प्रदेश सरकार आदि लिखा होने के कारण इनके चालान की संख्या कम ही रही।
हैरत की बात तो यह है कि शहर के सबसे व्यस्त चौराहे शहीद भगत सिंह पर जहां सुबह से ही होमगार्ड व सिपाही झांकी की तरह सज जाते हैं, वहीं से पूरे दिन ई रिक्शा, आटो, लोडर और टेंपो ओवरलोड होकर निकलते हैं, लेकिन पुलिस का निशाना सिर्फ बिना हेलमेट बाइक सवार ही होता है। ओवरलोड वाहनों में कोई बांस बल्ली लादे हो या फिर लोहे की सरिया, इन गाड़ियों को कहीं पर भी कोई रोकटोक इस बार भी नहीं देखने को मिली।
यही हाल जाम का भी रहा, पूरे माह भर शहीद भगत सिंह चौराहा, राठ रोड स्थित मंदिर वाला तिराहा, जिला परिषद रोड, कालपी बस स्टैंड सभी जगहों पर रोजाना सुबह शाम का जाम लोगों की परेशानी का कारण बना रहा। चौराहों व बाजारों के अतिक्रमण पर भी पुलिस का कोई डंडा नहीं चला और न ही नगर पालिका का बुलडोजर गरजा, लिहाजा बजरिया, अस्पताल रोड, माहिल तालाब, घंटाघर, डीवीसी रोड पर तो लोगों का पैदल चलना दूभर बना रहा।