जालौन। सरकारी धान खरीद केंद्र पर 20 दिनों में मात्र 200 क्विंटल धान की खरीद हुई है। कम खरीद का एक कारण सरकारी धान खरीद केंद्र पर कॉमन धान की खरीद भी है। नगर स्थित नवीन गल्लामंडी परिसर में धान की खरीद के लिए राजकीय धान खरीद केंद्र 20 दिन पूर्व 18 नवंबर को खोला गया था। उक्त सरकारी धान क्रय केंद्र पर 20 दिनों में मात्र 200 क्विंटल धान ही खरीदा गया है। मंडी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह के अनुसार केंद्र पर 1868 प्रति क्विंटल की दर पर कॉमन धान को खरीदा जा रहा है। मंडी में उक्त धान की आवक ही कम है। जबकि क्षेत्र में ए ग्रेड के धान की पैदावार अधिक होती है। यही कारण है कि केंद्र पर उक्त श्रेणी का धान कम आ रहा है।
ए ग्रेड के धान खरीद के लिए निर्धारित दर 1888 प्रति क्विंटल है। बता दें, उक्त श्रेणी के अतिरिक्त अन्य व अच्छी श्रेणी का धान मंडी में बाहर के व्यापारी आकर खरीद रहे हैं। आढ़तियों के माध्यम से खरीदे जाने वाले उक्त धान को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि के व्यापारी आकर खरीद रहे हैं। नवंबर माह में उक्त श्रेणी का 50 हजार क्विंटल धान बाहर के व्यापारी खरीदकर ले गए हैं। इस श्रेणी में बिकने वाले धान का मूल्य भी 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल है। धान को लेकर क्षेत्रीय किसान बृजेश उदैनियां खुनआं, विजय शर्मा छिरिया सलेमपुर, राजीव माहेश्वरी आदि का कहना हैं कि जालौन क्षेत्र में क्रय केंद्र पर बेचे जाने वाले धान की पैदावार कम होती है। किसान अच्छी क्वालिटी का धान पैदा करता है। जिसमें किसानों को धान का मूल्य भी भी ठीक ठाक मिल जाता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार भी अच्छी क्वालिटी का धान खरीदने के लिए केंद्र खलुवाए, अथवा इन्हीं केंद्र पर अच्छी क्वालिटी का धान खरीदने के लिए एमएसपी बढ़ाया जाए। ताकि किसानों को धान बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।