उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र में तमंचा और कारतूस रखने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष दो माह के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शहर कोतवाली में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक राकेश कुमार 29 नवंबर 2016 को पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान कालपी रोड स्थित पटेल नगर में इंदिरा स्टेडियम के सामने एक युवक पुलिस को देखकर संदिग्ध हालात में भागने लगा। पुलिस को शक होने पर उसकी घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम पटेल नगर निवासी बबलू उर्फ बली मोहम्मद बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान दर्ज कराए और बरामदगी समेत अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें रखीं।
मामले की अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभिलेखों का परीक्षण किया। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी बबलू उर्फ बली मोहम्मद को दोषी ठहराया और उसे एक वर्ष दो माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।