उरई। डकैती की योजना बनाने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार की अदालत ने एक को दोषी पाते हुए चार साल पांच माह की सजा सुनाई और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
17 फरवरी 2020 को एट थाना प्रभारी अरुण कुमार तिवारी कोंच रोड पर चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि बैरागढ़ मंदिर के रास्ते बंबा के पास धगुवा कला के कच्चे मार्ग पर एक चार पहिया गाड़ी खड़ी है। जिसमे पांच लोग हैं। पुलिस देखकर कार सवार गाड़ी को तेजी से लेकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी पर गाड़ी समेत तीन लोगों को पकड़ लिया। जबकि दो भाग गए।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम मीनू उर्फ ब्रजेश, शैलेंद्र उर्फ शीलू निवासी उमरारखेरा उरई, दारा सिंह निवासी अमीटा थाना एट को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके पास से तमंचे और नशीला पाउडर बरामद हुआ, साथ ही चोरी, डकैती में उपयोग होने वाले औजार भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की योजना बनाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया था।
पुलिस ने दारासिंह व शैलेंद्र और मीनू के खिलाफ दो अप्रैल 2020 को डकैती कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। जिसमें दारासिंह की फाइल का अलग से ट्रायल चलाया जा रहा था। आरोपी घटना वाले दिन से ही जेल में बंद था। चार साल डकैती कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. अवनीश कुमार की अदालत में दारा सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जिस पर न्यायाधीश ने दारासिंह को चार साल पांच माह की सजा सुनाई। एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि शेष आरोपियों का ट्रायल अभी चल रहा है।