फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: कोर्ट के आदेश पर भाजपा नेता समेत तत्कालीन एसएचओ पर एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे के आदेश पर एट थाने में भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय, उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों और तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने 26 फरवरी 2026 को छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया था। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की है।
विज्ञापन

महिला ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए बताया कि 26 फरवरी 2026 की शाम करीब सात बजे भाजपा नेता कार्तिक त्रिपाठी और उसके तीन साथियों ने एट कस्बे में उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोपियों ने उसे लाल रंग की ब्रेजा कार में जबरन बैठाने का प्रयास किया। विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपियों ने उसे कार से कुचलने की कोशिश की।

महिला का आरोप है कि घटना की सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। 28 फरवरी को एट थाने में तहरीर देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। महिला ने प्रार्थना पत्र में बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज पांडेय मुख्य आरोपी को कोतवाली ले जाने के बजाय अपने सरकारी आवास पर बैठाए रहे। जब उसने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो तत्कालीन थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक अभिषेक पोरवाल और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। उन्होंने समझौते का दबाव बनाते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
विज्ञापन


महिला ने पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्य महिला आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित कई अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। उसने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें