हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस पर खेल विभाग की ओर से हॉकी मैच सोमवार को आयोजित किया गया। इसमें इंदिरा स्टेडियम की टीम ने 1-0 से जय मां दुर्गे इंटर कालेज की टीम को पराजित कर फाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके पहले मेजर की प्रतिमा का माल्यार्पण किया गया। हॉकी के जादूगर का जन्म दिन खेल दिवस के रूप में
मनाया गया। इस दौरान जिला स्तरीय 14 वर्षीय बालक वर्ग की हॉकी प्रतियोगिता हुई। इसका शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी रईस अख्तर ने किया। इसमें आठ टीमों ने प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में इंदिरा स्टेडियम व जय मां दुर्गे इंटर कालेज की टीम स्थान बना सकी। दोपहर बाद दोनो ही टीमों के बीच
मैच हुआ इस कठिन मुकाबले में अनुज चौहान की ओर से दागे गए एक मात्र गोल ने इंदिरा स्टेडियम की टीम को 1-0 से जीत दिला दी। विजेता और उप विजेता टीम को जिला मजिस्ट्रेट मोइन उल इस्लाम व जिला क्रीड़ाधिकारी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता के पहले जिला खेल कार्यालय इंदिरा स्टेडियम में एक गोष्ठी का आयोजन हुआ इसमें
मेजर ध्यानचंद के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर महेंद्र पटेल, कोच वर्षा द्विेदी, कोच राजीव कुमार, अंकुश प्रजापति आदि मौजूद रहे। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में भी खेल दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि गांधी महाविद्यालय के हिंदी प्रवक्ता राकेश नारायन द्विवेदी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे
जीवन में खेल का महत्व बहुत अधिक है। खेलने में हमें तनाव से मुक्ति मिलती है। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ खेलना चाहिए। प्रधानाचार्या ने कहा कि ध्यानचंद चरित्रवान व राष्ट्रभक्त
खिलाड़ी थे। शारीरिक शिक्षा के प्रवक्ता लालजी सिंह ने बच्चों के खान पान पर जोर दिया। इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। बाल वर्ग दौड़ में भैया उमाशंकर पाल प्रथम, मैया अखिल प्रताप यादव द्वितीय, सुशील पाल तृतीय स्थान पर रहे। इसके अलावा भी कई प्रतियोगिताए हुईं। इस मौके पर अखिलेश दुबे, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।