जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उप चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुमन निरंजन ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी सपा से घोषित प्रत्याशी आशना खातून को पांच मतों से हराया। चुनाव में आशना को 10 और सुमन को 15 वोट मिले। जीत की खुशी में समर्थकों ने नारेबाजी की। प्रशासन ने शांति पूर्ण माहौल में मतदान व मतगणना
प्रक्रिया कराई। निर्वाचन अधिकारी संदीप कौर ने जीती हुई प्रत्याशी को प्रमाण पत्र सौंपा। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कलक्ट्रेट में सुबह 11 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई और दोपहर दो बजे तक सभी 25 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। इस दौरान कुछ मतदाता ग्रुप के साथ मतदान करने पहुंचे तो कुछ अकेले ही आए।
सबसे आखिर में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव, इच्छा राजा और कृष्णपाल सिंह आए। इसके पहले निर्वाचन अधिकारी संदीप कौर, सहायक निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार एवं आरएस गौतम, अनिल कुमार पाठक की मौजूदगी में प्रत्याशियों के सामने मतपेटी चेक कराई गई और फिर मतदान शुरू हुआ। तीन बजे के बाद मतगणना प्रारंभ
हुई और चार बजते ही निर्वाचन अधिकारी संदीप कौर ने भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुमन निरंजन को विजयी घोषित किया। सुमन को कुल 15 मत प्राप्त हुए जबकि आशना खातून को 10 मत ही मिले। निर्वाचन अधिकारी ने सुमन को जीत का प्रमाण पत्र दिया। इसके बाद सुमन अपने समर्थकों अर्चना गौतम, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, रविंद्र सिंह हरौली,
रामकुमार गुप्ता, बाबा बालक दास पाल व अशोक कुमार के साथ बाहर निकलीं। इस दौरान वह पुलिस के सुरक्षा घेरे में रहीं। बाहर निकलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह गुर्जर, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, मूलचंद्र निरंजन, रामराजा निरंजन, रामेद्र सिंह बना जी, अक्षय त्रिपाठी, देवेंद्र यादव, अन्नू शर्मा
आदि ने जीत पर सभी का आभार जताया। समर्थकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी भी मतदेय स्थल पर पूरे समय मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
सबका साथ जनपद का विकास
नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन ने प्रमाण पत्र लेने के बाद कहा कि वह सबका साथ लेकर जिले के विकास के लिए काम करने के अपने संकल्प पर अडिग रहेंगी। कहा कि यह जीत सबके साथ का ही नतीजा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सत्ता दल का भय था लेकिन जिला प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव कराया।
दो स्थानों पर हुई मतदाताओं की चेकिंग
जिला निर्वाचन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं होने दी। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट से लेकर मतदान स्थल तक पहुंचने में मतदाताओं को दो बार मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा। मोबाइल से लेकर पेन तक अंदर नहीं ले जाने दिया गया।
नतीजे के बाद मुस्तैद रही पुलिस
जिला पंचायत के उपचुनाव को लेकर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी खासे सचेत थे। पिछले दिनों बबीना जिला पंचायत सदस्य के उपचुनाव में हुई हिंसा व मारपीट की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए चुनाव स्थल तक आने के लिए कई बैरियर लगाए गए थे। वहीं, शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। चुनाव नतीजे आने के बाद तो पुलिस ने और कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। शहर के प्रमुख चौराहाें पर पुलिस का भारी बल तैनात रहा। हालांकि चुनाव के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई। शांतिपूर्वक मतदान निपटने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
नहीं खुला खाता
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में थी। 25 सदस्यों वाले इस चुनाव में अर्चना गौतम व संध्या यादव के खाते में उनका स्वयं का वोट भी नहीं आया।