बुंदेलखंड के किसानों की फसल बर्बाद न हो इसके लिए सरकार ने रविवार से
नहरें चालू करा दी हैं। अभी 21 दिन के पानी की व्यवस्था सरकार के पास है।
जरूरत पड़ी तो बुंदेलखंड के किसानों के लिए दूसरे प्रदेशों से खेतों की
सिंचाई के लिए पानी खरीदने के लिये सरकार तैयार है। वहीं, सरकार बुंदेलखंड
को 24 घंटे बिजली दे रही है। कम क्षमता की मशीनें होने से
अभी बुंदेलखंड
वासियों को 24 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है। एक सप्ताह में मशीनों की
क्षमता बढ़ाकर 24 घंटे बिजली दी जाएगी। स्टेशन रोड स्थित आवास पर सदर
विधायक दयाशंकर वर्मा ने पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया
कि उन्होंने सिंचाई एवं पीडब्लूडी मंत्री शिवपाल सिंह से बात कर यहां के
किसानों की समस्या बताई। इस पर
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मदद के
लिए हर तरह से खड़ी है। बुंदेलखंड के किसानों को बिजली, पानी और सड़क की
समस्या से निजात दिलाई जाएगी। विधायक ने बताया कि रविवार से नहरों को फुल
गेज पर चालू कर दिया है। फिलहाल, 21 दिन के पानी की व्यवस्था है। किसानों
को सिंचाई के लिए और पानी की आवश्यकता होगी तो दूसरे प्रदेशों से
खरीदा
जाएगा। किसानों के खेत किसी भी कीमत पर खाली नहीं रहना चाहिए। वहीं,
बिजली को लेकर कहा कि कानपुर से बुंदेलखंड के किसानों को 24 घंटे दी जा रही
है लेकिन मशीनों में क्षमता न होने से 24 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है।
बिजली विभाग इन मशीनों की कार्य क्षमता बढ़ाने में लगा है एक सप्ताह में
कार्य क्षमता बढ़ने के बाद किसानों को 24 घंटे बिजली मिलेगी।
इसके अलावा
जिले की सात सड़कों के कायाकल्प के लिए बजट आ गया है। इनमें जालौन से उरई,
उरई से मुहाना, उरई से कोंच, जालौन से कोंच, उरई से कोटरा, एट से कोंच, एट
से कोटरा आदि सड़कों के लिए बजट जारी हो गया है।
जल्द ही टेंडर प्रक्रिया
कर इन सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इस दौरान समाजबादी पार्टी के प्रदेश
सदस्य प्रदीप दीक्षित, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बजरिया, जिला पंचायत
सदस्य सुरेंद्र मौखरी, शफीकुर्रहमान कश्फी, भानू वर्मा आदि मौजूद रहे।