फोटो-25-उर्स मेंं मौजूद अकीदतमंद। संवाद
कालपी। दरगाह हजरत शेख अलाउद्दीन कुरैशी उर्फ भोले सालार का 156वां उर्स सोमवार की भोर ‘कुल’ की रस्म के साथ संपन्न हो गया। दूसरी रात आयोजित महफिल-ए-कव्वाली में हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल अनीस नवाब ने कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। उन्होंने “पैयां पढ़ें मैं तोरे ए मेरे हिंद के राजा, सोने के कलश वाले ख्वाजा मेरे अंगने में आ जा...” जैसे कलाम सुनाकर अकीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
उर्स के मौके पर अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी और पूरे दरगाह परिसर को आकर्षक सजावट व रोशनी से सजाया गया। कानपुर से आए कव्वाल कमर वारसी ने भी नात, गजल और मनकबत पेश कर समां बांध दिया। पूरी रात चली कव्वाली में श्रोताओं ने भरपूर दाद दी। उर्स के दौरान अकीदतमंदों ने दरगाह पर चादर चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। हिंदुस्तान उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष वहीद अहमद लाला ने नजराना पेश किया।
पूरे आयोजन के दौरान दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम रहे। उर्स के समापन पर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ की गई।