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तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरा मोर्चा, पुलिस रही अलर्ट

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आंबेडकर चौराहा है कि और जुलूस की शक्ल में बढ़ते कार्यकर्ता। - फोटो : ORAI
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उरई। सीएए को रद्द किए जाने और एनआरसी की सूची से निकाले गए लोगों को वापस शामिल किए जाने की मांग को लेकर बहुुजन क्रांति मोर्चा (भीम आर्मी) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जुलूस निकालकर नारेबाजी की और आंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित एएसपी डॉ अवधेश कुमार को ज्ञापन भी दिया। कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगे के साथ नीले रंग का झंडा देख पुलिस भी अलर्ट रही। टाउन हाल से लेकर आंबेडकर चौराहे तक जगह जगह पर कई थानों की फोर्स भी लगी रही। मोर्चा की ओर से भारत बंद की भी घोषणा की गई थी, जिसका असर सिर्फ मुस्लिम इलाकों तक ही सीमित रहा। एएसपी ने बताया कि फिलहाल किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
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मंगलवार को ही बजरिया इलाके की महिलाओं ने घरों से निकलकर मैदान में जुटना शुरू किया था, जिसे हटाने में भी पुलिस को काफी प्रयास करना पड़ा था। इधर, बुधवार को फिर से मोर्चा की ज्ञापन देने की बात ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह के वक्त जैसे ही मोर्चा के कार्यकर्ता शहर स्थित टाउन हाल में एकत्र होना शुरू हुए तो सीओ सिटी संतोष कुमार कोतवाल शिवगोपाल के साथ पहुंचे और उन्हें जुलूस निकालने से रोका। इसके बाद मोर्चा के नेता व कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके आंबेडकर चौराहे पर ज्ञापन देने को तैयार हुए। इस पर शहीद भगत सिंह चौराहे से लेकर आंबेडकर चौराहे तक चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी गई, तब जाकर कार्यकर्ताओं को करीब तीन सौ मीटर की दूरी तक जुलूस निकालने की अनुमति दी गई। नेता व कार्यकर्ता हाथों में झंडे लेकर नारे लगाते हुए आंबेडकर चौराहे पहुंचे और पहले बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अपनी 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एएसपी को सौंपा। इस मौके पर मोर्चा के एलआर अटल, आरबी कुशवाह, नाथूराम बौद्ध, रामसेवक, आरबी सिद्धार्थ, रामदास, श्रीराम चौधरी, विपिन कुमार, अखंड प्रताप सिंह, गौरव प्रकाश, सुशील चौधरी आदि रहे।
मोर्चा की ओर से भारत बंद का असर सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य इलाके बजरिया में ही पूरी तरह से दिखाई दिया। बजरिया में सुबह से ही सभी दुकानें बंद रही। चाय, पान व मसाले की भी इक्का दुक्का दुकानें ही खुली थी। जगह-जगह पर लोगों का झुंड आपस में बातें करता नजर आ रहा था। दोपहर दो बजे के बाद बजरिया की बाजार खुलना धीरे धीरे शुरू हुई। पुलिस भी पूरे दिन क्षेत्र में गश्त करती नजर आई।
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दोपहर करीब एक बजे के आसपास टाउनहाल, शहीद भगत सिंह चौराहा, दलगंजन तिराहा और फिर अंबेडकर चौराहे पर अचानक पुलिस फोर्स के खड़े होने और कुछ ही देर में सड़क पर तिरंगा लेकर निकले लोगों को देख सड़क पर चलते लोग कुछ समझ न पाए, तरह तरह की चर्चाएं होने लगी लेकिन पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर उन्हें शांतिपूर्वक वापस भी भेज दिया।
प्रदर्शनकारी व पुलिस के बीच तनाव भरे माहौल में आंबेडकर चौराहे के पास से एक बुजुर्ग महिला दो छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को लेकर निकल रही थीं। भीड़ और पुलिस को देख दोनों ही परेशान थे और सड़क पार करने का प्रयास कर रहे थे। तभी कोतवाली के दरोगा मोहित यादव आगे बढ़े और बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें सड़क पार कराया।
दो दिनों से लगातार हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने एलआईयू की टीम को सतर्क कर दिया है। टीम खासतौर पर मुस्लिम इलाकों पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं। नेताओं की भी पूरी निगरानी रखी जा रही है। महिलाओं का किसी तरह का आंदोलन दोबारा न हो, इसका पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। सूत्रानुसार कोई भी गड़बड़ी या फिर सोशल मीडिया पर गलत संदेश चलाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
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