जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उप चुनाव में नामांकन दाखिल होने के बाद समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। इससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दोनों ही दलों की ओर से कहा गया कि अध्यक्ष पद पर उनका ही कब्जा होगा। सपा जिलाध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा का कोई वजूद नहीं है। पार्टी के प्रत्याशी का वोट ही
उसके पास नहीं है। पार्टी एक दो नहीं कई खेमों में बटी नजर आ रही है। सपा जिलाध्यक्ष के इस बयान पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी पलटवार किया और कहा कि वह पहले अपने घर के अंतर्कलह को ठीक करें। पार्टी पर बाहरी प्रत्याशी का आरोप पार्टी के पूर्व सयुस जिलाध्यक्ष ने लगाया है। सपा की चाल है कि चुनाव से ध्यान बटा रहे। कुल मिलाकर जुबानी जंग से चुनाव जीतने की मंशा कितनी कारगर साबित होगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा। पार्टी के प्रमुखों की ओर से की गई बयानबाजी पर प्रस्तुत रिपोर्ट-।
भाजपा प्रत्याशी का स्वयं का वोट भी अपना नहीं-इंद्रजीत
मंगलवार को सपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि भाजपा नेताओं का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ रहा है। पार्टी के पास स्वयं के जो चार वोट हैं वह भी खिसक गए हैं। जिलाध्यक्ष ने इशारों-इशारों में कहा कि उनके वोटों को मैनेज किया जा रहा है। कहा कि अध्यक्ष का उपचुनाव भाजपा दिखावे के लिए लड़ रही है। बबीना सीट पर हुए
उपचुनाव में सात सौ वोट भी नहीं मिले। आरोप लगाया कि बबीना चुनाव में भाजपाई पूरी तरह से बिक गए थे। भाजपा की हैसियत सबको पता चल गई। एमएलसी चुनाव में भी भाजपा की पोल खुल गई। कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। भाजपा में अंतर्कलह चरम पर है। पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने कहा कि भाजपा में गुटबाजी और अंतर्कलह का अंदाजा इसी बात से
लगाया जा सकता है कि वहां सांसद की भी नहीं चल रही। सांसद ने बबीना उपचुनाव में जिन लोगों से अपील की, उन्होंने ही वोट नहीं दिया। वहीं पार्टी के एक पदाधिकारी पर इस चुनाव में मैनेज होेने का भी उन्होंने आरोप लगाया। कहा जब पार्टी पदाधिकारी खुद पार्टी के नहीं हैं तो जनता के क्या होंगे। प्रेसवार्ता के दौरान सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मिर्जा साबिर बेग, सदस्य दीपराज गुर्जर, पूर्व ब्लाक प्रमुख उमा जखौली, जयशंकर द्विवेदी, महेश द्विवेदी, विजय सिंह, ब्लाक प्रमुख विजय कुशवाहा, रवि वर्मा,चंद्रपाल रुरा, राजेश किराना आदि मौजूद रहे।
अपने गिरेबां में झांके सपा, अंर्तकलह सबके सामने -उदयन
भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने सपा को उनकी ही भाषा में जवाब दिया। कहा सपा की अंतर्कलह तो जगजाहिर हो गई है। पार्टी में किस नेता की चल रही है किसकी नहीं, ये भी सबको पता है। सपा युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र मौखरी ने अपनी पत्नी संध्या का नामांकन सपा से घोषित प्रत्याशी आशना के विरुद्ध कर दिया।
कहा, अभी सपा के अंदर असली-नकली की जंग चल रही है। सपा की बैठकों में जूतमपैजार की नौबत है। ऐसे में सपा को दूसरों की कलह देखने से पहले अपने घर का कलह देखना और सुलझाना चाहिए। रही बात वजूद की तो वह चुनाव में दिख जाएगा। सपा का चेहरा बेनकाब हो जाएगा। कहा, वोटों की खरीद फरोख्त करने का सपना संजोए सपा नेताओं को झटका
लगा है जिससे वह बौखलाए हुए हैं। भाजपा को अपने चरित्र के लिए किसी परीक्षा की जरूरत नहीं है। सपा के पूर्व सांसद अलग थलग पड़ गए हैं। वह एक बैठक अपने आवास पर बुलाकर देख लें उनके साथ कितने पार्टी के वरिष्ठ नेता ह,ैं हैसियत पता चल जाएगी। सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा कि हम तानाशाह नहीं हैं। पार्टी के सांसद बाद मेें और कार्यकर्ता पहले
हैं। भाजपा में हर कार्यकर्ता का सम्मान है। यह कोई एक परिवार का संगठन नहीं है। कहा, जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव मेें हार नजदीक देखकर सपा खेमा खासकर पूर्व सांसद घबराए हुए हैं।