उरई। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब सोमवार से कुष्ठ मलेरिया वाली बिल्डिंग में नवनिर्मित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) में स्थानांतरित हो गई है। सोमवार से काम भी शुरू हो गया है। नई बिल्डिंग में लैब बनने से मरीजों को राहत मिलेगी।
बता दें कि पहले ब्लड बैंक के बगल में छोटी पैथोलॉजी लैब होने से भीड़ होने पर दिक्कत हो जाती थी। इस पर शासन ने 82.46 लाख की लागत से आईपीएचएल की स्थापना करने का निर्णय लिया। यह लैब बनकर तैयार हो गई है और सोमवार को इस लैब में काम शुरू भी हो गया है। सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि यह सेंट्रल लैब हो गई है। इसमें सभी प्रकार की जांचें हो सकेगी।
इसके साथ ही ब्ल़ॉक स्तरीय सीएचसी, पीएचसी से भी जांच के सैंपल आकर यहां जांच हो जाएगी और ऑनलाइन रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इससे जांच के लिए मरीजों को नहीं भटकना पड़ेगा। हालांकि अभी इस लैब में जेनरेट की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिससे बिजली न आने पर दिक्कत हो सकती है। जल्द जेनरेटर की व्यवस्था की जा रही है।
सीनियर लैब टेक्नीशियन ब्रजेश द्विवेदी ने बताया कि यहां पर सभी प्रकार की जांचें शुरू हो गई है। मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए अलग काउंटर बनाया गया है। साथ ही रजिस्ट्रेशन के बार सैंपल के लिए बार कोडिंग होगी, उसके लिए भी अलग काउंटर बनाया गया है। रिपोर्टिंग के लिए अलग काउंटर बनाया गया है। कोशिश होगी कि मरीजों को समय से रिपोर्ट दी जा सके।