-उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगे सीसी कैमरे।
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उरई। उरई रेलवे स्टेशन पर अब फिर से साठ ही कैमरे लगेंगे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद रेल अधिकारियों ने गंभीरता से लेकर दोबारा सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें जगह चिंह्नित कर सभी स्थानों पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है।
उरई रेलवे स्टेशन पर पिछले साल सितंबर से कैमरे लगाने का काम शुरू हुआ था। पहले साठ कैमरे लगाने का सर्वे हुआ था लेकिन कार्यदाई संस्था ने सिर्फ चालीस कैमरे लगाए थे और काम भी आधा अधूरा छोड़ दिया था।
यही नहीं अब तक कंट्रोल रूम भी शुरू नहीं हो पाया था। खबर को अमर उजाला ने पांच अक्तूबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था। स्थानीय अधिकारियों से भी साठ की बजाय चालीस कैमरे लगाने के मामले में जवाब तलब किया गया था। इसके बाद फिर से चालीस की बजाय साठ कैमरे ही लगाने को निर्देशित किया गया है। इसके चलते शनिवार को आरपीएफ के इंस्पेक्टर रामअवतार और टेलीकॉम विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर आरके अग्रवाल ने दोबारा सर्वे किया और नए स्थान चिह्नित किए। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने संयुक्त रिपोर्ट बनाकर मंडल मुख्यालय को भेज दी है।
इन स्थानों पर लगेंगे अतिरिक्त कैमरे
प्लेटफार्म नंबर एक पर आठ लगेंगे। जिसमें चार कैमरे झांसी की ओर तथा चार कैमरे कानपुर की ओर वाले प्लेटफार्म पर नजर रखेंगे। जबकि दस कैमरे दो और तीन नंबर प्लेटफार्म पर लगेंगे। इसके अलावा दो घूमने वाले (रोटेड) कैमरे जहां प्लेटफार्म समाप्त होता है, वहां पर लगाए जाएंगे और घूम घूमकर निगरानी रखेंगे।
अब नए सिरे से बनेगा कंट्रोल रूम
आरपीएफ थाने में बने कंट्रोल रूम को लेकर अभी तक असमंजस की स्थिति है। आरपीएफ इंस्पेक्टर की माने तो उन्होंने अधिकारियों को बता दिया कि यह स्टाफ का चेजिंग रूम है। यहां वेंटीलेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में कंट्रोल रूम बन जाने से दिक्कत होगी। जगह भी कम है। लिहाजा यहां कंट्रोल न बनाया जाए। इस पर अधिकारियों ने नए सिरे से विचार की बात कही है।