उरई। कलक्ट्रेट के भूलेखाकार में रखे सरकारी कागजातों में हेराफेरी करने का खेल काफी समय से चल रहा था। आरोपी लिपिक के खास इसका ठेका लेते थे। पुरानी-पुरानी फाइलों को निकालकर उसमें हेरफेर करते थे। इसी काम को लेकर उनकी खूब उगाही चलती थी। डीएम ने लिपिक को निलंबित कर दिया है। साथ ही कार्यालयों में जहां-जहां कैमरे नहीं लगे हैं, उसकी रिपोर्ट तलब की है।
कलक्ट्रेट में शुक्रवार को ऐसी शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी को पता चला। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को बताया। उन्होंने जांच की तो काले पेन से भू अभिलेखों में छेड़छाड़ की गई थी। पूछने पर वह कुछ भी न बता सके। इसकी जानकारी डीएम को दी। इस मामले में डीएम के आदेश पर लिपिक शिवराज उनके खास संतराम मुंशी व सईद फरीदी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई। साथ ही लिपिक को निलंबित कर दिया गया।
जांच और पूछताछ में प्रशासनिक अधिकारियों को इस खेल के बारे में पता चला। बताया गया कि यह खेल काफी समय से चल रहा था। कई लिपिक के खासकार उगाही करते थे और सरकारी कागजों में हेरफेर करते थे। डीएम राजेश पांडेय ने सरकारी विभागों में सरकारी अभिलेखों को सीसीटीवी की निगरारी में रखने का फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने विभागों से रिपोर्ट मांगी है। कहा है कि जहां-जहां कैमरे नहीं है, वह जगह बताएं और अभिलेखों को कैमरों की निगरानी में ही रखें। डीएम ने बताया कि जनता उत्पीड़न और इस प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।