जालौन। कोडीनयुक्त कफ सिरप व नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने 12 थोक दवा विक्रेताओं की दुकानों पर छापामार जांच कर अभिलेखों का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि जिन पतों पर दवा फर्म पंजीकृत हैं, वहां दुकानें संचालित हो रही हैं या नहीं और संचालन में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। जांच में कुशवाहा मेडिकल स्टोर और नीरज फार्मा के पास किराएनामा से संबंधित कागजात नहीं मिले। इस पर दोनों फर्मों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बता दें कि हाल ही में प्रदेश भर में चलाए गए अभियान में कई फर्में पंजीकृत पते पर संचालित नहीं मिली थीं। कुछ स्थानों पर मकान मालिकों ने भी ऐसी फर्मों के संचालन से इन्कार किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने पूरे प्रदेश में सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में औषधि निरीक्षक ने जालौन नगरीय क्षेत्र में निखिल फार्मा जालौन, न्यू जालौन ड्रग हाउस, देवेश मेडिकल हॉल, कुशवाहा मेडिकल स्टोर, नीरज फार्मा, अभय मेडिकोज, श्री हरि अग्रवाल मेडिकल स्टोर, इंडियन फार्मा, शिवानी मेडिकल, श्री बालाजी मेडिकल, रामजी मेडिकल और खान मेडिकल स्टोर का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान यह जांचा गया कि लाइसेंसी फर्म अपनी स्वीकृत चौहद्दी में संचालित हो रही है या नहीं, दवा भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं और लाइसेंसी परिसर से अलग कहीं दवा भंडारण किया जा रहा है तो उसकी स्वीकृति ली गई है या नहीं।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि जिले में करीब 300 थोक दवा विक्रेताओं की दुकानें पंजीकृत हैं, लेकिन कुछ दुकानें गली-कूचों में भी संचालित हो रही हैं। ऐसी दुकानों की भी तलाश की जा रही है। उन्होंने दवा विक्रेताओं को निर्देश दिया कि सभी अभिलेख दुरुस्त रखें। निरीक्षण के दौरान मानकों का उल्लंघन मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।