उरई। कुठौंद क्षेत्र में आदर्श श्री संस्कृत शंकर महाविद्यालय की आड़ में संचालित फर्जी ए-ट्रिपल एस (एएसएसएस) विद्यालय के मामले में डीआईओएस राजकुमार पंडित ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के साथ-साथ महावीर इंटर कॉलेज नीमगांव के प्रधानाचार्य ब्रजेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है।
डीआईओएस ने बताया कि अमान्य विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को महावीर इंटर कॉलेज में संबद्ध दिखाया जा रहा था। इस संबंध में कॉलेज के छात्र संख्या, कक्ष संख्या और सेक्शन संख्या का पूरा ब्योरा तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कई अमान्य विद्यालय संचालित हो रहे हैं। कई जगहों पर आठवीं तक की मान्यता होने के बावजूद इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कुठौंद क्षेत्र के शीलचंद्र सहित कई लोगों ने इस मामले में मंडलायुक्त झांसी से शिकायत की थी कि कस्बे में आदर्श श्री संस्कृत शंकर महाविद्यालय की आड़ में फर्जी विद्यालय चलाया जा रहा है। इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं यहां संचालित हैं और करीब साढ़े तीन सौ से अधिक छात्र पढ़ते हैं।
इससे पहले मामले की जांच जीआईसी अजीतापुर के प्रधानाचार्य अमित नागर से कराई गई थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट में इस तरह का कोई विद्यालय संचालित न होने की बात कही गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा ऑनलाइन शिकायत भेजी। लगातार शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मंगलवार सुबह डीआईओएस राजकुमार पंडित ने मौके पर छापा मारा, जहां सौ से अधिक छात्र पढ़ते हुए मिले। पूछताछ में छात्रों ने बताया कि वे महावीर इंटर कॉलेज नीमगांव के छात्र हैं और यहां ट्यूशन पढ़ने आए हैं। इस पर एएसएसएस के संचालक से कागजात मांगे गए, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद डीआईओएस ने कुठौंद पुलिस को बुलाकर तहरीर दी और संचालक पंकज को पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में जीआईसी अजीतातपुर के प्रधानाचार्य को अलग से नोटिस भेजा गया है।
वर्जन
इस मामले में संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, प्रबंधतंत्र और महावीर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य की संलिप्तता सामने आ रही है। सभी को नोटिस दिए जा रहे हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।”
राजकुमार पंडित, डीआईओएस।