उरई। शहर में बिना मानक व रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे होटल, गेस्टहाउस, बारात घर, धर्मशाला आदि पर प्रशासन ने डंडा चलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट एचएस शुक्ला ने शहर के होटल व बारात घर के 80 संचालकों को नोटिस जारी की है। जवाब देने के लिए संचालकों को सात दिन का समय दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि तय समय के बाद इन सभी होटलों को बंद कराया जाएगा, साथ ही संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दे कि शासन के नियमानुसार शहर में बारात घर, गेस्टहाउस, लॉज, पार्टी व मीटिंग हाल, धर्मशाला आदि को संचालित करने के लिए कलक्ट्रेट से सराय एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन लेना होता है। जिसमें इन होटलों में अग्नि शमन, पालिका सहित अन्य विभागों की एनओसी लेना पड़ता है, लेकिन शहर में सैकड़ों ऐसे होटल व गेस्टहाउस है, जो बिना मानक के संचालित हो रहे है। जिनमें न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम है और न ही इन संचालकों ने प्रशासन से एनओसी ली है। इन पर डंडा चलाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर के चयनित 80 गेस्ट हाउस व होटल संचालकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है।
सिटी मजिस्ट्रेट एसएस शुक्ला ने बताया कि शहर में करीब 125 गेस्ट हाउस व विवाह घर, धर्मशाला आदि बने है, सभी को सराय एक्ट के तहत कलक्ट्रेट में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, लेकिन इसमें से सिर्फ 45 संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन कराया है, शेष सभी प्रतिष्ठान नियम विरुद्ध संचालित हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सात दिन में संचालक अपने प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन करा लें, अन्यथा की स्थित में उनके परिसर को सील करा दिया जाएगा और संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन प्रतिष्ठानों को जारी की नोटिस
न्यू सूर्या होटल, विजय विक्रम पैलेस, दीपशिखा गेस्ट हाउस, शिवानी गार्डन, नीलम लाज, मंडपम गेस्ट हाउस, स्वयंवर मैरिज हाल, अनमोल होटल, शिवा पैलेस, सिटी सेंटर, कृष्णा धाम, सत्कार वाटिका, वेदिका गेस्ट हाउस, राधा पैलेस, साई मैरिज हाल, जानकी होटल, शिवहरे गार्डन, माधव उत्सव ग्रह, राजपाल रिसोर्ट, महारानी गेस्ट हाउस सहित कुल 80 होटल व गेस्टहाउस संचालकों को नोटिस जारी की गई।