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Jalaun News: न पोषण न पुर्नवास, 10 बेड की एनआरसी में एक भी बच्चा नहीं

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उरई। जिला अस्पताल में लाखों की लागत से बनाए गए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में सन्नाटा पसरा है। 10 बेड के केंद्र में एक भी बच्चा भर्ती नहीं है जबकि जिले में 286 बच्चे अति कुपोषित (सैम) बच्चे हैं। सितंबर में 14 और अक्तूबर में सिर्फ एक बच्चा भर्ती हुआ। डीएम के निर्देश है कि सभी नौ ब्लॉकों से कम से कम दो-दो बच्चे एनआरसी में भर्ती कराए जाए।
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अति कुपोषित बच्चों की सेहत को लेकर शासन प्रशासन संजीदा है। अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी एएनएम, सीएचओ, आईसीडीएस विभाग के कर्मचारियों व आरबीएसके की टीमों को दी गई है। इनकी जिम्मेदारी है कि अति कुपोषित बच्चों की जांच करके और उनके परिजनों को बच्चों को एनआरसी ले जाने के लिए प्रेरित करें लेकिन इस काम में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। जिला अस्पताल में दस बेड का एसी युक्त आकर्षक एनआरसी वार्ड बना है। यहां चिकित्सक डॉ. मेहरकांत समेत चार स्टाफ नर्स, वार्ड आया, केयर टेकर, कुक आदि की तैनाती है। साथ ही भर्ती होने वाले बच्चों को पोषक आहार के साथ उनके साथ आने वाले अभिभावक को भी भोजन दिया जाता है। साथ ही जब तक बच्चा भर्ती रहता है, तब तक पचास रुपये रोजाना के हिसाब से अलग से दिया जाता है। अक्तूबर माह में यहां कोंच ब्लॉक का एक बच्चा भर्ती था, उसके परिजन भी दीपावली के पहले 21 अक्तूबर को घर ले गए। तबसे वापस नहीं लौटे। एनआरसी वार्ड खाली होने की बात सीएमएस ने भी स्वीकारी है।

वार्ड में बच्चे न होने की जानकारी मिली है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) को पत्र लिखकर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए कहा है। पहले भी आईसीडीएस विभाग को पत्र लिखा गया था लेकिन बच्चों को भर्ती कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
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- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमएस जिला अस्पताल


शुक्रवार को डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला पोषण समिति की बैठक में सीडीपीओ की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी। सितंबर माह में एनआरसी सिर्फ 14 बच्चे भर्ती कराए गए थे। अक्तूबर माह में स्थिति और खराब रही। इस पर उन्होंने सभी ब्लॉकों से दो-दो अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए थे। (संवाद)


स्वास्थ्य महकमे में ज्यादातर विभागों में प्राइवेट वाहन लगाए गए हैं। प्रयागराज की एक फर्म को वाहन संचालन का ठेका मिला है। दिसंबर 2024 से इन वाहन चालकों को वाहनों के किराए का भुगतान नहीं किया गया। भुगतान न होने पर वाहन चालक कई बार अधिकारियों से कह चुके है तो दीपावली पर किराया मिलने की बात कही गई। दीपावली त्योहार पर भी किराया नहीं मिला तो आक्रोशित वाहन चालकों ने शनिवार को कार्य ठप कर दिया। वाहन चालकों के कार्य बहिष्कार से एपिडेमिक विभाग, टीबी, मलेरिया,एनसीडी विभाग, क्वालिटी एश्योरेंस, डीसीपीएम, डीपीएम समेत किराये की 10 गाड़ियों के पहिए थम गए।
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