आंधी-पानी से ध्वस्त जिले की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में बिजली विभाग को पसीना आ रहा है। जगह-जगह टूटे तारों और पेड़ों के कारण 24 घंटे से शहर के कई इलाकों की बिजली आपूर्ति प्रभावित है। शहर के तीन प्रमुख फीडर शनिवार की दोपहर तक बंद रहे। यही हाल ग्रामीण इलाकों का भी है। आंधी पानी के कारण विभाग को भी लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
शुक्रवार की दोपहर आई आंधी से कई पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए थे। इससे बिजली आपूर्ति पूरी से प्रभावित हो गई थी। शहर स्थित राजमार्ग पर पेड़ के धराशायी होने से दो तीन पोल एचटी लाइन समेत टूटकर सड़क पर आ गिरे थे। इससे आधे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। शनिवार की सुबह तक कई इलाकों में थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बिजली सप्लाई की गई, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।
बिजली न होने से लोगों को पानी संकट का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों का हाल तो और भी बुरा है। जिले के कोंच, माधौगढ़, रामपुरा, महेवा, डकोर आदि फीडरों में तो शनिवार की दोपहर तक सप्लाई सामान्य करने का काम भी नहीं शुरू हो सका था। विभागीय सूत्रों की मानें तो हालात पूरी तरह से सामान्य होने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है।
दोपहर तक हटा पेड़, उलझे हैं तार
शहर के स्टेट बैंक के सामने पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गया था। इससे शहर के घंटाघर, राजेंद्र नगर व स्टेशन रोड फीडर की सप्लाई ठप हो गई। शनिवार की दोपहर तो पेड़ हटाने में ही बीत गई। सड़क पर अभी भी एचटी लाइन के उलझे तार पड़े हैं। इससे जाम की भी स्थिति बनी हुई है।
इन मोहल्लों में नहीं आई बिजली
वैसे तो बिजली विभाग ने शहर के कुछ मोहल्लों की सप्लाई शुक्रवार की रात में चालू कर दिया था, लेकिन वह सप्लाई कुछ घंटो के लिए रही। सबसे ज्यादा परेशानी शहर के इंद्रानगर, राजेन्द्र नगर, बम्बी रोड, कांशीराम कॉलोनी, उमरारखेरा, स्टेशन रोड, तुलसी नगर, घंटाघर आदि मोहल्लों में रही। इन इलाकों में पूरी रात बिजली नहीं आई।