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Jalaun News: प्रसूता के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया जाम

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प्रसूता के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया जाम - फोटो : संवाद
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उरई। करमेर रोड स्थित एक नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के बाद गुरुवार की देर रात नवजात ने भी दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में आक्रोश है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कर दिया गया। प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शुक्रवार की दोपहर डेढ़ बजे एसीएमओ डॉ.अरविंद भूषण ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। उस समय आठ मरीज भर्ती थे। गुस्साए परिजनों ने करमेर रोड स्थित अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया। परिजन करीब 2 घंटे तक जाम लगाए रहे। सूचना पर कोतवाल अरुण राय मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। वह अस्पताल को बंद करने की मांग पर अड़े थे।
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आटा थाना क्षेत्र के इमिलिया बुजुर्ग निवासी राकेश ने अधिकारियों को भेजे शिकायतीपत्र में बताया कि उसकी बहन आकांक्षा पत्नी नंदकिशोर निवासी पचोखरा थाना एट को प्रसव के लिए 30 जुलाई को करमेर रोड स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने लापरवाही से प्रसव कराया। इससे आकांक्षा की हालत बिगड़ गई और 31 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे प्रसूता की मौत हो गई।
मृत्यु के बाद भी एक निजी एंबुलेंस बुलाकर प्रसूता और उसके नवजात को मेडिकल कॉलेज भेज दिया। कुछ घंटों बाद नवजात बच्ची की भी मौत हो गई। राकेश ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक ने इलाज में घोर लापरवाही बरती है। इसकी वजह से उसकी बहन और भांजी की जान चली गई। चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण नर्सिंग होम पहुंचे। उस समय संचालक मौजूद नहीं था। अस्पताल में आठ मरीज भर्ती थे। एक घंटे बाद संचालक पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच की। एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत है। उन्होंने संचालक और शिकायतकर्ता को शनिवार को कार्यालय में साक्ष्य लेकर बुलाया है। जांच के बाद जो निकलेगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, गुस्साए परिजनों ने करमेर रोड स्थित अस्पताल के बाहर जाम लगा दिया। परिजन करीब 2 घंटे तक जाम लगाए रहे। सूचना पर कोतवाल अरुण राय मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। वह अस्पताल को बंद करने की मांग पर अड़े थे। कोतवाल अरुण राय का कहना है कि उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। समझने के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया था।
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