जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद दीवानी न्यायालय व बाहर
स्थित न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल
34269 मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। वही, आपराधिक
मामलों में 1,74695 रुपये अर्थदंड वसूला गया। इसके अलावा मोटर वाहन
दुर्घटना के 12 मामलों में 78, 4500 रुपये क्षतिपूर्ति
धनराशि पीड़ित पक्ष
को दिलाई गई। जबकि प्रतिकर दावा के एक मामले में 50 लाख रुपये क्षतिपूर्ति
पीड़ित पक्ष को दिलाई गई। जनपद के विभिन्न बैंको के नियत 5051 मामलों में
से ऋण माफ के 539 मामले भी प्रीलिटिगेशन स्कीम में निस्तारित कराए गए।
इनमें 2,49,42000 रुपये बैंकों की एनपीए धनराशि का समझौता बकाएदारों से
कराया गया। जनपद न्यायाधीश सतीश
चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत
की जानकारी देते हुए प्राधिकरण के प्रभारी सचिव पीयूष तिवारी ने बताया कि
जनपद की विभिन्न बैंकों के कुल 5051 बकाया ऋण के मामले प्री लिटिगेशन के
अंतर्गत अंगीकृत किए गए थे, इनमें 539 मामलों में बकाएदारों से सुलह समझौता
कराया गया।
उन्होने बताया कि लोक अदालत में जिला जज सतीश चंद्र शर्मा
ने कुल 54 मुकदमों का निस्तारण किया। इसमें 4 एमएसीपी याचिकाओं में 13 लाख 5
हजार क्षतिपूर्ति याचीगण को विपक्षी बीमा कंपनी से दिलवाई। प्रधान
न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रामअचल यादव ने 88 पारिवारिक, अपर जिला जज
नंदलाल ने 9, अपर जिला जज मनोज शुक्ला ने 3, विवेकानंद शरण
त्रिपाठी ने 7,
विशेष न्यायाधीश श्रीनाथ सिंह ने 10, अनिल कुमार ने 18, संजय कुमार सिंह ने
102 विद्युत अधिनियम के मामलों का निस्तारण किया। इसी प्रकार मुख्य
न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष तिवारी ने कुल 704 मामलों का निस्तारण किया। इसके
अलावा भी अन्य मामलों का निस्तारण कर जुर्माना वसूला गया।