फोटो - 05 क्षतिग्रस्त पुल से बचने के लिए लोगों ने डाली लकड़ी की बल्ली। संवाद
आटा। आटा-हरिशंकरी नहर पर अंग्रेजों के शासनकाल में बने नरुआ पुल का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने 1.40 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेज दिया है। दरअसल, एक दशक से यह क्षतिग्रस्त है। वर्तमान में पुल का केवल एक छोर ही सुरक्षित बचा है। इससे सिर्फ दोपहिया वाहन ही निकल पाते हैं।
वहीं, लोग जुगाड़ बनाकर टूटे हिस्से में लकड़ियां लगाकर वाहनों का आवागमन कर रहे हैं। इस पुल से एक दर्जन से अधिक गांवों के 10 हजार से ज्यादा लोग रोजाना आवागमन करते हैं। परासन, इमिलिया, बारा, गढ़ा, कुसमरा, अमीसा, सुनहेटा, कहटा और दशहरी गांवों के लिए यह मार्ग मुख्य संपर्क साधन है। पुल के जर्जर होने से चारपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकलने को विवश हैं।
पीडब्ल्यूडी के जेई अतुल पाल ने बताया कि नरुआ पुल का एक करोड़ 40 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव पास होते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।