उरई। जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में तीनों विधानसभा क्षेत्रों का काम सौ फीसदी पूरा कर लिया गया है। कुल 12,97,560 मतदाताओं में से 10,81,354 यानी 83.34 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। वहीं 2,16,206 (16.66 प्रतिशत) मतदाताओं को मृत, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, अनुपस्थित और अन्य श्रेणियों में चिह्नित किया गया है।
माधौगढ़ विधानसभा के 4,46,856 मतदाताओं में से 3,84,024 (85.94प्रतिशत) के प्रपत्र डिजिटाइज हुए। 62,832 (14.06प्रतिशत) मतदाता एएसडी श्रेणी में आए। कालपी विधानसभा के 3,98,695 मतदाताओं में से 3,46,798 (87.फीसदी) प्रपत्र डिजिटाइज व 51,789 (12.99प्रतिशत) एएसडी श्रेणी में। वहीं, उरई विधान सभा में 4,52,117 में से 3,50,532 (77.53प्रतिशत) प्रपत्र डिजिटाइज। 1,01,585 (22.47 प्रतिशत) मतदाता एएसडी में चिह्नित हुए हैं।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि 2003 की वोटर लिस्ट से मैपिंग की जा रही है। डिजिटाइज किए गए 10,81,354 प्रपत्रों में से 8,25,634 (76.35प्रतिशत) मतदाताओं की मैपिंग वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली से की जा चुकी है। जबकि 2,55,360 (23.65 प्रतिशत) प्रपत्रों की मैपिंग प्रक्रिया 26 दिसंबर तक जारी रहेगी। जिन मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हो सकेगी, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे।
31 दिसंबर से 21 फरवरी 2026 के बीच निर्धारित दस्तावेज लेकर उनकी सुनवाई की जाएगी। मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए वर्ष 2003 की मतदाता सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। साथ ही जिला और तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। समस्याओं के समाधान के लिए जिला कंट्रोल रूम भी सक्रिय है।
एसआईआर समय से पहले पूरी, कालपी में 50 हजार मतदाता घटने की संभावना
कालपी। विधानसभा क्षेत्र में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा से 12 घंटे पहले ही पूरी कर ली गई। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 हजार मतदाता कम हो सकते हैं। एसडीएम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में की जा रही इस प्रक्रिया में वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज 3,98,587 मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इसमें - 8684 मतदाता मृत पाए गए हैं। जबकि 22,808 मतदाता क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित मिले हैं। वहीं 2934 मतदाता विधानसभा के भीतर ही दूसरे बूथों पर दर्ज पाए गए हैं। इन आधारों पर लगभग 50,000 नामों में कमी आने का अनुमान है।
एसडीएम ने लोगों से अपील की कि जिनका नाम छूट गया है, वे परेशान न हों।
ऐसे सभी व्यक्तियों को नोटिस भेजकर नागरिकता संबंधी प्रमाण मांगे जाएंगे। साथ ही जिनके नाम सूची से वंचित रह गए हैं, उन्हें फिर से मतदाता बनने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा।