फोटो- 10 कोंच तहसील में शिकायतें सुनते डीएम। संवाद
संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई कार्रवाई
तीन तहसीलों में आईं 71 शिकायतों में 16 का ही मौके पर निस्तारण
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कोंच/कालपी/जालौन। जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने जनता की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कोंच में आईजीआरएस मामलों में लापरवाही बरतने पर एक सचिव को निलंबित कर दिया गया, जबकि अन्य तहसीलों में भी शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया गया।
तहसील कोंच में आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे सख्त तेवर में नजर आए। नदीगांव ब्लॉक में तैनात सचिव प्रशांत दुबे द्वारा आईजीआरएस मामलों में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस दौरान कुल 34 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से दस का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की समस्याओं को हल्के में लेने पर कार्रवाई तय है। उन्होंने गोशालाओं में गोवंशों को लू से बचाने के इंतजाम करने, संचारी रोग अभियान के तहत साफ-सफाई व नालियों में कीटनाशक छिड़काव कराने के निर्देश दिए। साथ ही एक मई से तालाबों को भरने के कार्य की तैयारी पूरी करने और बिजली आपूर्ति में अनावश्यक कटौती न करने को कहा। इस दौरान पार्क में योग के लिए कमरा खुलवाने और चांदनी गांव में कच्चे रास्ते को सीसी सड़क बनाने की मांग भी उठी।
कालपी में 14 शिकायतें, एक का मौके पर निस्तारण
कालपी तहसील में उप जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ, जिसमें 14 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से एक शिकायत का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। शिकायतों में जमीन विवाद और घर के पास लगे बिजली विभाग के सपोर्ट तार को हटाने जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
जालौन में 23 शिकायतें, पांच का मौके पर समाधान
जालौन तहसील में आयोजित समाधान दिवस में कुल 23 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण किया गया। सबसे अधिक दस शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, जबकि समाज कल्याण, बिजली, गृह, विकास और नगर विकास विभाग से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। उप जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी भी दी जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।